लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी ने अपने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया.  इस्तीफा देने के बाद आज वे पहली बार अपने गढ़ रहे अमेठी जाऐंगे. गांधी परिवार का अमेठी से हमेशा से ही एक अनोखा रिश्ता रहा है. राहुल अपना एक संदेश देने अमेठी जा रहें है. राहुल साथ ही अपने कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी करेंगे और उनके हाल भी जानेंगे. ऐसा बताया जा रहा है कि राहुल गांधी अपनी इस यात्रा को निजी रखना चाहते है, इसलिए अपनी इस यात्रा से राहुल ने मीडिया व कैमरो से दूरी बनाई हुई है.

दरअसल इस बार के चुनावों में राहुल को अमेठी से भी हार का सामना करना पड़ा है, अमेठी से कांग्रेस को हमेशा से ही जीत हासिल हुई है, अगर कुछ मौको को नज़रअंदाज किया जाए तो अमेठी कांगेस की ही गढ़ रही है. अमेठी कांग्रेस की कर्मभूमि के समान है, पूरे कांग्रेस परिवार का अमेठी से गहरा रिश्ता रहा है.

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कांग्रेस ने अमेठी से अपनी आखिरी हार 1998 में देखी थी इसके बाद कांग्रेस ने लगातार अमेठी से जीत हासिल की, 2004 से राहुल भी लगातार अमेठी से जीत रहे हैं. लेकिन इस बार बीजेपी ने बाजी मार ली और स्मृति ईरानी ने अमेठी की सीट पर कामयाब रही.

राहुल गांधी अपनी इस यात्रा से अमेठी को यहीं संदेश देना चाहते हैं कि उनका रिश्ता अमेठी से बना रहेगा.  आगे चलकर भी राहुल का और कांग्रेस पार्टी का रिश्ता अमेठी से इसी तरह बना रहेगा . अमेठी लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के लिए गढ़ रही है, इसलिए अमेठी से हार मिलना राहुल गांधी के लिए ही नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी के लिए भी एक बड़ा जटका है.

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