EVM को मिली क्लीन चिट, सही पाए गए VVPAT के 100 प्रतिशत मिलान!

चुनावी सफर के दौरान कई बड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक जंग दिलचस्प होती नजर आई कभी राफेल ने सियासत में गर्मी बढ़ाई तो कभी धारा 370 पर राजनीतिक खिलाड़ियों ने अपना दाव खेला. वहीं इन सबके बीच एक मुद्दा जिसने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं वो था EVM का मुद्दा. चुनावी सफर के आगे बढ़ने के साथ ही EVM भी लगातार सवालों के घेरे में आता गया. विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर कई सवाल उठाए. और इसी को देखते हुए उनकी ओर से ईवीएम और वीवीपैट की ज्यादा से ज्यादा पर्चियों की मिलान की मांग भी की जा रही थी. लेकिन चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद चुनाव आयोग के आंकड़े कहते हैं कि ईवीएम और वीवीपैट का मिलान पूरी तरह से सही निकला और विपक्ष के सारे दावे और शंकाएं गलत साबित हुई.

जरुर पढ़ें:  विधानसभा में इस नेता ने की ऐसी हरकत, जिसे जानकर आप भी रह जायेंगे दंग!

दरअसल सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के अनुसार, 20625 वीवीपैट में से एक भी मशीन के मिसमैच होने की खबर नहीं मिली. आपको बता दें कि 17वे लोकसभा के इस चुनाव में करीब 90 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया. जिसके लिए चुनाव आयोग ने कुल 22.3 लाख बैलेट यूनिट, 16.3 लाख कंट्रोल यूनिट और 17.3 लाख वीवीपैट इस्तेमाल की थी. और इस बार 17.3 लाख वीवीपैट में से 20,625 वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया गया. जबकि पिछली बार महज 4125 वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया गया था.

जिसमें चुनाव आयोग ने पर्चियों के मिलान के बाद चुनावी आंकड़ो को 100 प्रतिशत सही बताया है. आपको बता दें कि कांग्रेस को करारी हार देते हुए बीजेपी और नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर चुके हैं. जहां एक ओर बीजेपी ने देश की 542 सीटों में 303 सीटों पर बहुमत के साथ जीत हासिल कर सत्ता का सहरा अपने माथे पर सजाया. तो वहीं कांग्रेस कुल 52 सीटों के दायरे में ही सिमट कर रह गई.

जरुर पढ़ें:  वोट मांगने का ये तरीका अनोखा है... वोटर वोट जरूर देंगे!

चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद विपक्ष के उन तमाम लोगों को उनके सवालों के जवाब मिल गए होंगे जो ईवीएम की विश्वश्नीयता पर लगातार सवाल उठा रहे थे. साथ  ही बीजेपी पर जुमलेबाजी का आरोप लगा रहे थे.

 

 

 

 

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here