चुनाव खत्म होने के बाद EVM का क्या होता है जान लीजिए!

23 मई को आए चुनावी नतीजों के बाद लोकसभा के चुनावी घमासान का अंत हो चुका है. एक ओर बीजेपी और नरेंद्र मोदी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. तो वहीं दूसरी ओर शुरू से ही अपनी जीत का दावा करने वाली कांग्रेस को चुनावी नतीजों के बाद मुंह की खानी पड़ी है. 17वे लोकसभा चुनाव का ये सफर काफी दिलचस्प रहा. जहा एक ओर नेताओं की बयानबाजियों से माहौल गर्म रहा तो वहीं कभी राफेल तो कभी इवीएम का मुद्दा सुर्खियों में छाया रहा.

चुनाव से पहले लगतार EVM पर सवाल उठाने वाले नेताओं ने चुनावी नतीजों के बाद चुनाव आयोग की काबिलियत और EVM क्षमता पर सवाल नहीं उठाया. लेकिन EVM को लेकर अब एक और सवाल जोर पकड़ रहा है. और वो ये कि आखिर चुनाव के बाद EVM का क्या होता है. क्या इसे फेंक दिया जाता है या फिर से इस्तेमाल के लिए रख दिया जाता है. जी हां क्या आप जानते हैं इस सवाल का जवाब, अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते है  EVM से जुड़े इन तमाम सवालों का जवाब.

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मतगणना के बाद EVM का क्या होता है ये हम आपको बताएंगे लेकिन इससे पहले हम आपको थोड़ा पीछे ले जाते हैं. मतदान खत्म होते ही EVM को कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम में लाया जाता है. यहां पर EVM को बिना रोशनी में रखा जाता है, जहां EVM रखी जाती है वहां किसी किस्म की इलेक्ट्रानिक डिवाइस भी नहीं होती है. एक बार मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई कागजी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं.

उम्मीदवार को विजेता घोषित करने के बाद EVM को एक बार फिर से स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है, और रूम को बंद कर एक बार फिर सील किया जाता है. ये प्रक्रिया उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाती है. इनके हस्ताक्षर लिए जाते हैं. वहीं चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद उम्मीदवारों को 45 दिन का वक्त दिया जाता है, ताकि अगर किसी उम्मीदवार को मतगणना पर शक है तो मतगणना  के लिए दोबारा आवेदन कर सकता है.

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वहीं 45 दिन खत्म होने के बाद EVM को पूरी सुरक्षा के साथ स्टोरेज रूम ले जाया जाता है. और इसके बाद चुनाव आयोग के इंजीनियर EVM की जांच करते हैं. कई चरणों में इसकी जांच की जाती है. सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद EVM को दूसरे मतदान के लिए तकनीकी रूप से सक्षम घोषित कर दिया जाता है. इसके बाद जरूरत के मुताबिक EVM को भेजा जाता है.

इसके साथ ही आपको बता दें कि चुनाव के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले कुल EVM का 20 प्रतिशत रिजर्व के रूप में रखा जाता है ताकि अगर तकनीकी दिक्कतें होने पर एक्सट्रा EVM से काम चलाया जा सके. वहीं अगर इस बीच कोई EVM खराब हो जाती है. उसे नष्ट कर दिया जाता है.

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