चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को कौन भूल सकता है. चुनावी माहौल में बीजेपी और टीएमसी के कार्यकार्ताओं के बीच जिस तरीके का माहौल देखा गया उसने लोकसभा चुनाव में बांधा डालना का काम किया. उस हिंसा में आगजनी से लेकर तोड़फोड़ का वो मंजर दिखा जिसने सबको हैरान कर दिया. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री अमित शाहक के रोड के दौरान समाज सुधारक ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ति को भी तोड़ दिया गया था. लेकिन अब ममता दीदी ने कॉलेज स्ट्रीट स्थित हरे स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाज सुधारक ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ति का अनावरण किया है. इस दौरान सीएम ने मूर्ति पर फूल चढ़ाकर विद्यासागर को श्रद्धांजलि अर्पित की. जिसके बाद उन्होंने विद्यासागर कॉलेज में मूर्ति को विस्थापित भी किया ।

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आपको बता दे कि लोकसभा चुनाव के दौरान अमित शाह की रैली के दौरान पश्चिम बंगाल में हिसां देखने को मिली थी. इस हिंसा के बाद मूर्ती तोड़ने का आरोप बीजेपी और टीएमसी कार्यर्ताओं पर लगा था. लेकिन दोनों ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपना पल्ला झाड़ते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था ।

इसके बाद सीएम ममता ने मूर्ति तोड़े जाने को बंगाल की अस्मिता के साथ जोड़ते हुए इसे फिर से स्थापित करने का वादा किया था. करीब एक महीने बाद सीएम ने अपना वादा पूरा किया. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऐसा ही वादा किया था. उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार विद्यासागर के दृष्टिकोण को लेकर प्रतिबद्ध है. पीएम ने कोलकाता में उसी जगह उनकी विशाल मूर्ति स्थापित करने का वादा किया था ।

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लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मोदी सरकार के इस ऑफर को ठुकरा दिया था. उन्होंने कहा था कि मूर्ती बनवाने के लिए हमें बीजेपी के पैसे की जरुरत नहीं है. राज्य के पास विद्यासाग की प्रतिमा बनने के लिए पैसा है, उसे बीजेपी के पैसे की जरुरत नहीं है. चुनाव के बाद से ममता दीदी का गुस्सा सातंवे आसमान पर हैं ।

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