अब की बार मोदी सरकार की एंट्री बड़ी फिल्में स्टाइल में हुई. चुनाव हुए प्रचंड जीत मिली, भव्य स्टाइल में नरेंद्र मोदी समेत उनके एक एक मंत्री ने पद और गोपनीयता की शपथ ली और फिर बारी आई मोदी की x फेक्टर कहीं जाने वाली कैबिनेट टीम की जिसमें कई पूराने चेहरे पिछड़े तो कई नए चेहरों ने टीम में चार चांद लगाने का काम किया. लोकिन इन सबसे परे शाह और मोदी ने 19 साल पहले राजनीति में साथ चलने का जो सपना देखा था. वो आज पूरा होता दिख रहा है. राजनीति के इस सफर में शाह और मोदी की जोड़ी मिसाल बनकर उभरी ।

लेकिन अब वक्त हैं एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले लेने का नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने जिन बड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ा, उसमें राष्ट्रवाद और किसान सबसे उपर रहें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई सरकार ने आते ही ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरु कर दिए है. शपथ ग्रहण के अगले ही दिन मोदी की एक्स फैक्टर टीम ने काम में जुट गई. मोदी की कैबिनेट बैठक में कई मंत्रियों के साथ शाह और मोदी की दमदार जोड़ी ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले लिए उनमें से एक फैसला जो सबसे ऊपर रहा वो था किसानों को लेकर लिया गया फैसला ।

जरुर पढ़ें:  क्या पीएम मोदी ने बढ़ाई अमिताभ की मुश्किलें?

वहीं किसान जिन्होंने नरेंद्र मोदी के चुनावी प्रचार में किए वादों पर भरोसा रखा और उनके लिए वोट डालकर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का किम किया. तो भला नरेंद्र मोदी उन्हें कैसे भूल जाते. अब एक- एक कर नरेंद्र मोदी सरकार जनता से किए वोदों पर काम करने निकल पड़ी है. लेकिन सबसे पहले बात किसानों की जिनका योगदान भारत के लिए सबसे महत्तवपूर्ण है ।

मोदी कैबिनेट में किसानों को लेकर अहम फैसला लिया गया. आपकों बता दें, कि सरकार ने ‘पीएम किसान योजना’ का दायरा बढ़ा दिया हैं जिसके तहत अब साढ़े 14 करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा. केंद्र की मौदी सरकार ने किसानों को छह हजार रुपए हर साल देने का फैसला लिया है. हालांकि इससे सरकारी खजाने पर तकरीबन 87 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा. 31 मई को पीएम मोदी सराकर पार्ट-2 ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसालों के लिए ये खुशखबरी सुनाई. प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया, “कैबिनेट ने सभी किसानों के लिए प्रधानमंत्री-किसान योजना में विस्तार के लिए मंजूरी दें दी है ।

जरुर पढ़ें:  विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई पर पीओम मोदी का बड़ा ऐलान

कैबिनेट ने इसके अलावा नई केंद्रीय सेक्टर स्कीम को भी मंजूरी दी है, जिसका नाम प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना है. ये देश भर के छोटे और मंझले किसानों के लिए अपने मन मुताबिक वाली पेंशन स्कीम है. केंद्र सरकार इसके तहत उतनी ही रकम किसान के पेंशन फंड में जमा करेगी, जितनी कि किसान की ओर से सहयोगी रकम में काटी जाएगी इस स्कीम के तहत देश भर में दो हेक्टेयर तक कृषि योग्य जमीन रखने वाले छोटे और मंझले किसान परिवारों को हर साल छह हजार रुपए दिए जाएंगे. इस स्कीम से लगभग साढ़े 12 करोड़ छोटे और मंझोले किसान परिवारों को फायदा मिलेंगा ।

जरुर पढ़ें:  लखनऊ में मायावती ने बुलाई बैठक, भाई आनंद कुमार को बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष..

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान घोषणापत्र में बीजेपी ने सभी किसानों को इस योजना के दायरे में लाने का वादा किया था़. जिसपर सरकार ने आते ही काम करना शुरु कर दिया है. क्योकि मोदी सरकार को जिस भरोसे से लोगों ने सत्ता की गद्दी का ताज पहनाया उसकी लाज रखना अब सरकार के हाथों में है. मोदी सरकार और विपक्ष में एक यहीं बड़ा अंतर है कि विपक्ष कर्जमाफी करना चाहता है. केंद्र की मोदी सरकार किसानों की दशा सुधरना. लेकिन मोदी सरकार के एक्शन पर आपकी क्या रॉय है कमंट बॉक्स में जरुर बताएं ।

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here