श्रीलंका में हुआ ईस्टर हमला तो आपको याद ही होगा. जब पूरा देश ईश्टर पर्व की खुशियां मना रहा था. पर अचानक हुए एक धमाके ने सारी खुशियों को कुछ ही पलों में मातम में बदल दिया. न जाने कितने मासूमों ने उस हमले में अपनी जान गवाई थी और कितनों ने अपनो को खोया था. इस हमले में जान गवाने वाले लोगों के घरों में आज भी दुखों की लहर दौड़ रही है. लेकिन इसी बीच श्रीलंका में  मुसलमानों ने कुछ ऐसा किया है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे. जी हां श्रीलंका में मुसलमानों ने खुद की देश भकि को सीबित करने के लिए एक मस्जिद तोड़ डाली. अब सवाल हैं कि भला ऐसा क्या हुआ कि खुद मुसलमानों को ऐसा करना पड़ा तो चलिए हम आपके बताते हैं कि क्या है मामला.

जरुर पढ़ें:  कांकेर संसदीय क्षेत्र में पोलिंग अफसर की मौत, वोटिंग के दौरान आया हार्ट अटैक..

दरअसल ईस्टर चर्च और मस्जिद पर हुए उस आतंकी हमले के बाद से ही मुसलमानों की तक्लीफें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. इस हमले को लेकर हर किसी को एक मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन नैशनल तौहीद जमात पर शक है. जिसकी वजह से हर कोई श्रीलंका में मुसलिम समुदाय को शक की निगाहों से देख रहा है. ऐसे में खुद के ऊपर लगे इन्हीं सवालिया निशानों को मिटाने के लिए और खुद को साबित करने के लिए इस संगठन ने एक मस्जिद तोड़ डाली.

बताया जा रहा है कि इस मस्जिद में पुलिस अक्सर आत्मघाती हमले के बाद आती थी. जिससे इस मस्जिद को इस्तेमाल करने वालों को शक के घेरे में लिया जाता था. वहीं अब देश के हालात को देखते हुए मस्जिद की प्रशासन कमिटी ने फैसला किया कि गांव में दूसरी मस्जिद नहीं रहेगी. इसके साथ ही इस मस्जिद की उस शिलापट्टी को भी तोड़ दिया गया जिस पर अरबी अक्षरों में मस्जिद के निर्माताओं के नाम लिखे थे.

जरुर पढ़ें:  अब पेट्रोल पर ऑफर की भरमार है... बस आपको ये काम करना है

हालांकि, इस कदम का विरोध भी किया जा रहा है. इस्लाम के धार्मिक मुद्दों पर मुख्य अथॉरिटी मानी जाने वाली संस्था सीलोन जमायतुल उलेमा का मानना है कि प्रार्थना की जगह को इस तरह तोड़ा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने एक बयान में कहा, कि सभी मस्जिदें अल्लाह की हैं, इसका प्रबंधन कौन कर रहा है, इसके इतर इसे नष्ट करना और नुकसान पहुंचाना इस्लाम के खिलाफ है.”

आपको बता दें कि श्रीलंका में ईस्टर चर्च और मस्जिद पर हुए हमले के बाद से ही प्रशासन लगातार मुसलमानों पर दवाब बनाए हुए है. जैसा कि आप जानते ही हैं कि मुस्लिम महिलाएं अपना चेहरा नकाब से ढकती हैं. लेकिन यहां कि सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं को चेहरा ढकने से मना कर दिया है. ऐसे में श्री लंका में मुसलमानों ने सबका भरोसा जीतने और खुद को साबित करने के लिए ये कदम उठाया है.

जरुर पढ़ें:  जियो को टक्कर: यह कंपनी दे रही है मात्र 100 में अनलीमिटेड इंटरनेट
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here