धर्म और जाति पर राजनेताओं के विवादित बयानों को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई से सुप्रीम कोर्ट ने सहमती जताई है. सोमवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के प्रति तल्खी दिखाई थी, जिसके बाद आयोग ने दोपहर बाद से देर शाम तक चार बड़ी कार्रवाइयां की. इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और सपा नेता आजम खान के चुनाव प्रचार पर बैन लगाया गया है.

हेट स्पीच को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद मायावती ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, मगर मायावती को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. मायावती को चुनाव आयोग के बैन पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में याचिका दायर करें, फिर हम सुनवाई करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम कह सकते हैं कि चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग ने अचार सहिंता तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की.

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इसके साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान घृणा फैलाने वाले बयानों को ले कर चुनाव आयोग के बैन को चुनौती दी थी. मायावती को आज आगरा में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की महारैली में शामिल होना था. चुनाव आयोग के बैन के कारण वह मंगलवार से 48 घंटों तक किसी भी चुनाव प्रचार अभियान में शामिल नहीं हो पाएंगी.

बता दें कि चुनाव आयोग ने हेट स्पीच को लेकर चुनाव आयोग ने मायावती पर 48 घंटे और सीएम योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे के लिए चुनाव प्रचार से बैन कर दिया गया है. यह आदेश आज सुबह 6 बजे से लागू है. वहीं केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मेनका गांधी और सपा नेता आजम खान के चुनाव प्रचार करने पर भी रोक लगा दी है. मेनका पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने जबकि आजम पर जया प्रदा के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था.

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मेनका गांधी ने सुल्तानपुर में एक रैली के दौरान मुस्लिम मतदाताओं को कहा था कि अगर उन्हें कम वोट मिले तो इसका असर होने वाले काम पर पड़ेगा. इसी तरह आजम खान ने रामपुर से भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. दोनों ही मामलों में रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी गई थी. इन दोनों के बयानों पर खूब हंगामा मचा था.

 

 

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