कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल मामले को लेकर विविदों में घिर गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवमानना का नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जबाव मांगा है. कोर्ट ने बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी की यातिका पर नोटिस जारी किया है.

दरअसल राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी. लेखी ने अपनी याचिका में कहा था कि, राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिये गए आदेश को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गलत तरीके से पेश किया है.

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी लेखी की याचिका स्वीकार कर ली. सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 15 अप्रैल को सुनवाई करने का फैसला लिया था. याचिका में राहुल गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया गया है.

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आपको बता दें कि 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले पर सरकार को नया आदेश जारी किया था. बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा है कि SC ने अपने फैसले में चौकीदार को चोर कहा है, जबकि कोर्ट का फैसला महज गोपनीय दस्तावेजों को सुनवाई के लिए मंजूर करने के लिए ही था.

इसके पहले 10 अप्रैल को राफेल डील मामले से जुड़ी लीक दस्तावेजों पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इस मामले पर सुनवाई कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मोदी सरकार के लिए झटका माना जा रहा है. पिछली सुनवाई में राफेल डील के दस्तावेज लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की किसी भी दलील को मानने से इनकार कर दिया था. आप को बता दें कि राफेल डील की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी. तब दक्षिण भारत के एक बड़े अंग्रेजी दैनिक ने रक्षा मंत्रालयल की नोटिंग छाप दी थी. जिसमें ये बताया गया था कि किस तरह से पीएमओ ने रक्षा मंत्रालय की आपत्तियों को दरकिनार कर दिया था. तब सरकार ने इस संबंध में कहा था कि ये ऑफिसियल सेक्रेट्स एक्ट का मामला है और चुराए गए दस्तावेजों को सबूतों के तौर पर नहीं पेश किया जा सकता है.

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