बीजेपी में शामिल होने साथ ही साध्वी प्रज्ञा चर्चाओं का विषय बन गई हैं. कभी उनके उतीत को लेकर विपक्ष उनपर निशाना साधता है तो कभी अपने बयानों के चलते साध्वी प्रज्ञा सुर्खियों में छा जाती हैं. इसी बीच साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान से न केवल पार्टी के लिए मुश्किल बढ़ाई है बल्कि खुद के लिए भी मुसीबत को न्योता दिया है.

चुनाव आयोग ने साध्वी के शहीद हेमंत करकरे को लेकर दिए गए विवादित बयान को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना है. चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करके साध्वी से सफाई मांगी है. बता दें कि उनके द्वारा आतंकी हमले में शहीद हेमंत करकरे को लेकर दिए बयान पर अनेक संगठन और पार्टियां लगातार ऐतराज जता रही हैं.

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मध्यप्रदेश चुनाव आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए साध्वी को नोटिस जारी किया है. जिला चुनाव अधिकारी और कलेक्टर ने नोटिस जारी करके साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आचार संहिता के तहत एक दिन के भीतर हेमंत करकरे पर उनकी टिप्पणी के लिए स्पष्टीकरण देने को कहा है.

क्या कहा था साध्वी प्रज्ञा ने

बता दें कि भोपाल सीट से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए विवादित बयान दिया था. प्रज्ञा ने मुंबई एटीएस के तत्कालीन प्रमुख दिवंगत हेमंत करकरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने करकरे से कहा था कि तुम्हारा सर्वनाश होगा. बता दें कि गुरुवार को बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा को अपना कैंडिडेट बनाते हुए दिग्विजय सिंह के खिलाफ उतारा है.

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क्या है पूरा मामला?

प्रज्ञा मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं. इस मामले की जांच करकरे के नेतृत्व में हुई थी. गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों पर हमले किए थे. उसी दौरान करकरे और मुंबई पुलिस के कुछ अन्य अधिकारी शहीद हुए थे. शहीद हेमंत करकरे मालेगांव ब्लास्ट मामले की जांच कर रहे थे, जिसकी आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर हैं. मालेगाव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा 9 साल जेल में रही, इसी दौरान हेमंत करकरे ने उनसे पूछताछ की थी.

 

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