कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार के लोकसभा चुनाव में अमेठी के अलावा केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं. जिसको लेकर हाल ही में राहुल गांधी ने इस सीट पर रोड़ शो करते हुए नामांकन दाखिल कर दिया. हालाकिं जिस के बाद से ही बीजेपी लगातार राहुल पर हमला करते हुए ये कह रही है कि उन्होंने वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए लिया है क्यों कि वो अमेठी सीट से इस बार चुनाव हार जायेंगे.

मगर ये बात तो चुनाव के बाद ही सामने आयेगी कि कौन हारेगा कौन जीतेगा. वैसे भी वायनाड की सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है. मगर इस बार वायनाड की सीट का चुनाव काफी दिलचस्प है वो इसलिए क्यों कि यहां राहुल गांधी के खिलाफ एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन ऐसे नेता चुनाव लड़ रहे हैं जिनके नाम के पीछे गांधी लगा हुआ है.

जरुर पढ़ें:  अरविंद केजरीवाल को सताया डर, कहा 'आखिरी समय में मुस्लिम वोट कांग्रेस की तरफ हुआ शिफ्ट'

जी हां राहुल गांधी के सामने उतरे तीन उम्मीदवार के ई राहुल गांधी, के राघुल गांधी और KM शिवप्रसाद गांधी हैं. इसमें से दो उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. 33 साल के केई राहुल गांधी कोट्टायम के निवासी हैं. और साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उन्होंने एम फिल की डिग्री हासिल की है.

वहीं, अगर के राघुल गांधी की बात करें तो ये कोयंबटूर के रहने वाले हैं.ये एक रिपोर्टर हैं और इनकी पत्नी डेंटल टेक्निशन हैं.तो वहीं के एम शिवप्रसाद गांधी का बात करें तो ये त्रिशूर के निवासी हैं और संस्कृत के टीचर हैं. निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं.

जरुर पढ़ें:  राहुल गांधी के बाद कांग्रेस के एक और नेता ने किसानों को आलू से अमीर बनाने का बताया तरीका!

बता दें कि इस सीट पर नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 8 अप्रैल है. वहीं एक जैसे सरनेम वाले उम्मीदवारों की वजह से मतदाता भ्रमित न हो इसलिए चुनाव आयोग ने पहली बार ईवीएम पर उम्मीदवारों की तस्वीरें लगाने का ऐलान किया है .अगर ऐसा नहीं होता तो हो सकता था कि वोटर भ्रमित हो जाते. खैर अब देखना ये होगा कि इसबार वायनाड के चुनावी रण से कौन-सा गांधी बाजी जीतता है.

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here