जिस योग को लोग पहले बाबाओं और धार्मिक गुरूओं तक सीमित करके देखते थे, अब वो योग बॉलीवुड से लेकर गांव की गलियों तक पहुंच चुका है। इसे देश के पीएम से लेकर गली चौराहों पर लोग करते नज़र आ रहे हैं। लेकिन योग का पूरा फायदा आपको तभी मिल सकता है, जब आप उसे सही तरीके और सही समय पर करें। और इसके लिए आपको ज़रूरत होगी एक योगा ट्रेनर की, जो आपको योग की बारीकियों के बारे में बताने के साथ ही उसके फायदे भी बताए। देश दुनिया में योग के फैलने से न सिर्फ लोगों का मानसिक और शारीरिक फायदा मिल रहा है, बल्कि योग से लोग आर्थिक रूप से भी काफी समृद्ध हो रहे हैं। लोग अब योग को एक प्रोफेशन की तरह ले रहे हैं और इसका ज्ञान दुनिया में फैलाकर खूब प्रसिद्धी और पैसा कमा रहे हैं।

जरुर पढ़ें:  बॉडी स्पा लेने की सोच रहे हैं, तो उससे पहले ये ज़रूर पढ़ें
योगा सिखाते माधव

ऐसे ही एक युवा योग गुरु हैं धर्मेंद्र जाखड़, जो 26 साल की उम्र में 28 देशों में योग सिखा चुके हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, कि इतनी कम उम्र में धर्मेंद्र के शिष्य  जर्मनी, फ्रांस, चीन, रूस और अमेरिका जैसे कई देशों में फैले हुए हैं। इन शिष्यों में कोई डॉक्टर हैं, तो कोई इंजीनियर, कोई बड़ा इंडस्ट्रीयलिस्ट और तो और धर्मेंद्र बड़े-बड़े नेताओं को भी योगा का ज्ञान बांट रहे हैं। धर्मेंद्र इंदौर में माधव योगी के नाम से फेमस हैं, तो वहीं दुनियाभर में फैले धर्मेन्द्र के शिष्य उन्हें ग्लोबल योगा एंबेसेडर कहते हैं। माधव खुजराहो में भी योगा टीचर रह चुके हैं। धर्मेद्र ने पिछले 4 साल में 600 से भी ज़्यादा विदेशियों को योगा टीचर बनाकर अपने कौशल का परिचय दिया है।

जरुर पढ़ें:  न्यूड योगा बढ़ा सकता है आपकी स्कीन की खूबसूरती
योगा टीचर धर्मेंद्र जाखड

कहा से जागी योग टीचर बनने की इच्छा-

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक धर्मेंद्र के मन में योग की इच्छा उनके गुरु और दिव्य योग संस्थान के शिक्षक दक्षदेव गौड ने जगाई थी। धर्मेद्र अब खजुराहो के योग आश्रम में मुख्य योग टीचर हैं, जहां उन्होंने पिछले चार साल में 600 से ज़्यादा विदेशियों को हठ योग सिखाया है।

कौन है इनके खास शिष्य-

21 जुलाई 2017 ‘वर्ल्ड योगा डे’

आपको बता दें, कि इनके योग आश्रम में हर साल चार ट्रैनिंग कोर्स लगते हैं। हर बैच में 40 से 50 से लोग शामिल होते हैं। जिसमे 80 से 90 फीसदी लड़कियां योगा सीखने आती हैं। माधव योग गुरु की योग ट्रेनिंग में लड़कियां ज़्यादा रुची लेती हैं।

जरुर पढ़ें:  काले कोयले से आप ऐसे बन सकते हैं बेहद खूबसूरत, जानकर चौंक जाएंगे

योग टीचर माधव कहते है..

“विदेशी लोग योग को अपने जीवन का अंग बना चुके हैं, लेकिन हम भारतीय लोग अभी भी इसे या तो फैशन मानते हैं या थैरेपी। यदि भारत अपनी इस विरासत का रचनात्मक उपयोग करे तो हजारों करोड़ की दवाइयों की बचत भी कर सकता है और हजारों करोड़ का राजस्व भी कमा सकता है”

Loading...