शेफ विकास खन्‍ना ने भारत को जायके की दुनिया में एक बड़ा नाम दिया है। वे जितने अच्छे शेफ हैं, उतने ही अच्छे इंसान भी है। विकास भले ही एक बेहद फेमस शेफ हैं, लेकिन वो कितने ज़मीन से जुड़े हैं, इस बात का सबूत हाल में उन्होंने एक मुस्लिम फॅमिली के साथ रोज़ा खोलकर दिया। बता दें, कि विकास पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे हर साल रमजान के पाक महीने में इसी परिवार की सलामती के लिए रोजा रखते हैं।

Chef vikas khanna

इसके पीछे की कहानी और वजह दोनों ही दिलचस्प है। 1992 में जब मुंबई दंगों की आग में झुलस रहा था, उसी वक्त विकास की इस परिवार के ताल्लुक हुआ था। इस परिवार ने विकास की दंगों के वक्त न सिर्फ जान बचाई थी, बल्कि दो दिनों तक अपने घर में रखकर उसे दंगाईयों से बचाने के लिए अपना बेटा भी बनाया था। उसी के बाद से ही इस परिवार के सम्मान में और उनकी हिफाजत के लिए विकास रोज़ा रखते हैं।

जरुर पढ़ें:  SBI के इस नियम को जरूर जान लें, नहीं तो बाद में पछताना पड़ेगा
chef vikas khanna met the muslim family after 26 years.

विकास अब 26 साल बाद इस परिवार से मिलने में कामयाब हुए हैं। विकास ने सोमवार को ट्वीट के जरिए ये जानकारी दी, कि आखिरकार उनका रोजा रखना सफल हुआ और वे उस मुस्लिम परिवार से मिले जिसने दंगों में उनकी जान बचाई थी। विकास ने परिवार से मिलने के बाद उनके साथ रोज़ा इफ्तार की तस्वीर को ट्वीट भी किया।

आपको बता दें की 1992 के इस दंगे की यादों को विकास ने 2015 में अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया था। उन्होंने इस पोस्ट को काफी इमोशनल होकर लिखा था। उन्होंने इस पोस्ट में बताया था, कि वे उस वक्‍त मुंबई के सीरॉक शेराटन होटल में ट्रेनिंग ले रहे थे। दंगो की वजह से कई दिनों तक उन्हें होटल में ही रहना पड़ा था। पिछले साल एक टीवी इंटरव्‍यू में भी शेफ विकास ने इसी घटना का जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि ‘कर्फ्यू की वजह से होटल का स्‍टाफ न तो बाहर जा पा रहा था और न ही अंदर आ पा रहा था। एक दिन मुझे पता चला, कि घाटकोपर में दंगों की वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं और कई लोग घायल हो गए हैं। तभी मुझे अपने उस भाई की चिंता होने लगी जो घाटकोपर में ही रहता था। मुझे वहां जाने का रास्‍ता नहीं मालूम था लेकिन फिर भी मैं घाटकोपर की तरफ निकल पड़ा’

जरुर पढ़ें:  गांव की लड़कियों को भगा ले गए थे पुलिसवाले, अब थाने के नाम से डरने लगे हैं ग्रामीण

उसी दौरान रास्‍ते में विकास को एक मुस्लिम परिवार ने आगे न जाने की सलाह दी और अपने घर के अंदर छिपा लिया। तभी वहां दंगाईयों की भीड़ भी आ धमकी और उनसे पूछने लगे कि ये लड़का कौन है, तब परिवार ने भीड़ को ‘ये हमारा बेटा है’ ये बताकर रवाना कर दिया था। अगले दो दिनों तक विकास उन्‍हीं के घर में रहे। इतना ही नहीं परिवार ने रिश्‍तेदार को भेजकर विकास के भाई के बारे में भी पता लगाया। विकास का भाई सुरक्षित था।

जिस दौर में हिंदू-मुस्लिमों को बांटकर सियासी रोटियां सेंकी जा रही हो और दो धर्मों के बीच जहर के बीज बोए जो रहे हो, उस दौर में सोशल मीडिया पर वायरल ये वाकया लोगों में भाईचारे की एक आस पैदा कर रहा है। ये तस्वीर उन लोगों को मुंह पर करारा तमाचा भी है, जो दो धर्मों में बंटवारे की साजिशें रचते रहते हैं।

Loading...