पहले आधार कार्ड सिर्फ जीने के लिए ज़रूरी था अब मरने के लिए भी हो गया है। अगर आपके पास आधार नहीं है, तो आप मर नहीं सकते। मर भी गए तो सरकार के लिए आप जिंदा ही रहेंगे और सरकारी रिकॉर्ड में हमेशा के लिए भटकते रहेंगे। जीहां सही पढ़ रहे हैं, आप। पहले सिर्फ राशन के लिए आधार ज़रूरी था, फिर पेंशन के लिए हुआ और अब हर जगह बिना आधार के काम हो ही नहीं सकता। फ्री में मिलने वाली मोबाइल की सिम भी बिना के आधार के देने से मना कर दिया जाता है। एक ही चीज है, जो बिना आधार के आप ले सकते हैं और वो हैं, सांसें।

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दरअसल केंद्र सरकार ने अपने नए फैसले में डेथ सर्टिफिकेट के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। यानी आपके पास आधार नहीं है, तो आपका डेथ सर्टिफिकेट नहीं बनेगा और बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर आप जिंदा ही रहेंगे। तो अगर सुकून से मरना है और मरकर भी जिंदा नहीं रहना है, तो आधार बनवा लीजिए। शुक्रवार को होम मिनिस्ट्री की ओर से जारी एक आदेश के मुताबिक बिना आधार नंबर मृत्यु प्रमाणपत्र इश्यू नहीं किया जाएगा।

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आपको बता दें, कि इससे पहले केंद्र सरकार ने पैन कार्ड बनवाने समेत कई योजनाओं के लिए आधार को अनिवार्य कर रखा है।इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबी लड़ाई भी चल रही है। पैन को आधार से जोड़ने के फैसले पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी, कि देश में फर्जी पैन कार्ड के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा किया गया है। अटार्नी जनरल ने अदालत में बताया था, कि पैन कार्यक्रम संदिग्ध होने लगा था, जबकि आधार पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत व्यवस्था है, जिसके ज़रिए इंसान की पहचान को फर्जी नहीं बनाया जा सकता। इसलिए इस व्यवस्था को लागू करना ज़रूरी था।

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