बॉलीवुड अभिनेत्री और कांग्रेस नेता उर्मिला मातोंडकर ने लोकसभा चुनाव में अपनी हार के लिए पार्टी के स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है. एक्ट्रेस से राजनीति में आईं उर्मिला मातोंडकर एक गोपनीय लेटर के निरुपम बनाम देवरा लड़ाई में घसीटे जाने को लेकर नाराज हैं. कांग्रेस ने उर्मिला को इस साल हुए आम चुनाव में मुंबई नॉर्थ से टिकट दिया था. न्यूज एजेंसी एएनआई के ट्वीट के मुताबिक, उर्मिला ने तब के मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को 16 मई को पत्र लिखा था. उन्होंने बताया था कि स्थानीय स्तर पर पार्टी नेतृत्व का फेलियर और आपसी मतभेद के कारण मेरे पूरे चुनाव कैंपेन में कई रुकावटें आई.

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इधर कांग्रेस में स्ताफो की बाढ़ आ गई है. लाख मनाने के बाद भी अपनी जिद पर अड़े राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से स्तीफा दे दिया जिसके बाद सिंधिया और मिलिंद देवड़ा ने भी अपना पद त्याग दिया. वहीं अब उर्मिला चुनावी हार के बाद गुससे से बौखलाई हुई नजर आ रही हैं. उर्मिला मातोंडकर ने अपने स्तर पर हार के कारणों को गिनाया है. उर्मिला ने अपना गुस्सा जताते हुए कहा, “ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है की एक गोपनीय खत को सार्वजनिक कर दिया गया है. हर पार्टी में मसले सुलझाए जाते हैं. मैंने देश सेवा के लिए कांग्रेस ज्वाइन की थी न की किसी पर्सनल इंट्रेस्ट या एजेंडे के लिए.”

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दरअसल कभी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाली उर्मिला मार्तोंडकर अब कांग्रेस को लोहे के चने चबवा रही है.  गौरतलब है उर्मिला की लिखी चिट्ठी ने बवाल मचाया हुआ है. मगर उर्मिला कैंप का सवाल चिट्ठी की टाइमिंग को लेकर है. ये चिट्ठी 16 मई को लिखी गयी थी मगर अब ये बाहर क्यों आयी?

मतलब की नतीजे आने के पहले की बात है. जब उर्मिला को अपनी हार का अंदाजा हो गया था और इस 16 मई की चिट्ठी में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की उदासीनता, खराब प्लानिंग और पैसों की कमी पर बेरुखी होने शिकायत की थी.

नौ पन्नों का ये लेटर उर्मिला ने 16 मई को तात्कालीन मुंबई कांग्रेस चीफ मिलिंद देवरा को लिखा था और तब से इस लेटर को दबाये रखा गया. पर जैसे ही पूर्व मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने देवरा के ऊपर राजनैतिक हमला बोला, ये लेटर मीडिया को लीक कर दिया गया.

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