मां-बाप अपने बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा करते हैं, उनकी हर छोटी-छोटी ज़रुरतों को पूरा करते हैं, और जब बच्चे बड़े हो जाते हैं, अपने पैरों पर खड़े हो जाते हैं, तो उनकी जिम्मेदारी मानो खत्म हो जाती है। क्योंकि फिर शुरु होती है बच्चों की जिम्मेदारी अपने पैरेंट्स के लिए, लेकिन ऐसा आज के बच्चे ऐसा करते कहां हैं। ज्यादातर बच्चे जब कमाने लग जाते हैं, तो वे अपने बूढ़े मां-बाप को या तो घर से बाहर कर देते हैं या फिर उन्हें आश्रम में छोड़ आते हैं। लेकिन अब सरकार ने ऐसे नालायक बच्चों को सबक सिखाने का मन बना लिया है और एक ऐसा कानून लाया है, जिसके मुताबिक बच्चों को अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़ना महंगा पड़ेगा क्योंकि उनकी सही देखभाल नहीं करने पर बेटे की सैलरी काटी जाएगी।

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Demo Pic- Parents

सरकारी कर्मचारियों के लिए ये नया कानून असम सरकार ने बनाया है। जिसके मुताबिक कोई बेटा अगर अपने माता-पिता और दिव्यांग भाई-बहनों की सही तरीके से देखभाल नहीं करते हैं, तो सरकार उनकी सैलरी से तय रकम काट लेंगी और माता-पिता को दे देगी। यानी अब अपने माता-पिता को लावारिस छोड़ देना उन बच्चों का भारी पडेगा। बता दें, ये असम विधानसभा में शुक्रवार को ये बिल पास किया गया है। बता दें, कि इस तरह का नियम पहली बार किसी देश में बनाया गया है।

Demo Pic-Old people

शुक्रवार को विधानसभा में इस बात पर चर्चा हुई और इस दौरान राज्य के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार को ये मंजूर नहीं है, कि कोई भी शख्स अपने बुजुर्ग मां-बाप को वृद्धाश्रम में छोड़कर जाए। ठीक इसी तरह अपने दिव्यागं भाई-बहनों के मामले में भी हम यही चाहते हैं, हेमंत बिस्वा शर्मा के मुताबिक ये कानून सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए रखा गया है, लेकिन जल्द ही प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को भी इसमें शामिल कर लिया जाएगा।

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Demo Pic

इस कानून के तहत सभी कर्मचारियों को डीटेल में अपने पैरेंट्स और दिव्यांग भाई-बहनों की जानकारी डिपार्टमेंट को देनी ज़रुरी होगी। बता दें, कि असम सरकार ने बजट सेशन में इस तरह का बिल लाने का वादा किया था, सरकार ने उस वक्त कहा था, कि राज्य के कई वृद्धाश्रमों से शिकायतें मिल रही हैं, कि अच्छी नौकरी पाने वाले सरकारी कर्मचारियों ने भी अपने माता-पिता को वहां छोड़ रखा है। इसके बाद सर्बानंद सोनोवाल ने कहा था, कि उनकी सरकार इस मसले को गंभीरता से ले रही है। और अब इस मामले में बिल पास कर दिया गया है।

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