पंछी नदियां पवन के झोंके, कोई सरहद ना इन्हें रोके, फिल्म रिफ्यूजी का ये गाना तो आपको बखूबी याद होगा। इस गाने में आगे की लाइनों में कहा गया है, सरहद इंसानों के लिए है,लेकिन सोचो क्या पाया इंसान होके। ज़मीन के टुकड़े पर लाइऩ खींचकर सरहदें भले ही बना दी गई हो, लेकिन ये लकीरें लोगों के दिलों को नहीं बांट पाई है। दिल आज भी लोगों के एक ही है। ऐसा ही कुछ नजारा भारत और बांग्लादेश की सरहद पर हर साल देखने को मिलता है।

बंगलादेश और इंडिया का डावका झील पर बॉर्डर

ये तस्वीर भारत-बांग्लादेश सीमा की है, जहां रस्सी बांधकर दोनों देशों के लोगों को एक तरफ से दूसरे तरफ जाने से रोका जा रहा है। सिपाही निगहबानी कर रहे हैं। लेकिन लोग कहा मानने वाले हैं, दिलों का प्यार लोगों का यहां खींच ही लाता है। भारत के लोग बांग्लादेशी अचार चख लेते हैं और बांग्लादेशी भारत से दूसरे सामान ले जाते हैं। इंडिया और बंग्लादेश की सीमा पर ये नज़ारा हर साल देखने को मिलता है। लोग भी इस मौके का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, ताकि वे एक-दूसरे से मिल सकें। ये नजारा बेहद ही खूबसूरत होता है, जब हर साल कुदरती बॉर्डर हट जाती है और उस जगह पर दोनों देशों के लोग दौड़े चले आते हैं।

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बंगलादेश और इंडिया का डावका झील पर बॉर्डर

आपको बता दें, कि इंडिया और बंगलादेश के बीच का बॉर्डर ऐसा है जो डावकी झील से बंटा हुआ है। मेघालय के शिलांग से लगभग 80 किलोमीटर दूर डावकी झील ने इंडिया और बंग्लादेश को बांट रखा है। लेकिन जब ये झील सूख जाती है।दोनों देशों के लोगों के लिए ये कुदरती बॉर्डर हटना मानो खुशी का पैगाम लेकर आता है। और वे इस इलाके में बाजार सजाने चले आते हैं। जीहां यहां सूखी झील के इलाके में दोनों देश का बाजार सजता है। बाजार में खरीदारी करने आस-पास के इलाके के लोग और टूरिस्ट आते हैं। दोनों देशों के बीच लगने वाले इस बाजार लगने का नजारा और वहां की चहल-पहल बेहद ही रोचक होती है।

बंगलादेश और इंडिया के बीच डावका झील पर लगने वाला बाजार

हर साल बॉर्डर के झील का पानी कुछ महीनों के लिए सूख जाता है, जिसके बाद बीएसएफ के जवान झील के बीचों-बीच रस्सी की सरहद बनाते हैं ताकि लोग बॉर्डर पार ना कर सकें। लोकल लोगों को तो इस बात की जानकारी होती है। लेकिन बाहर से आए टूरिस्ट पर इस बात का खासा ध्यान दिया जाता है कि वो रस्सी ना पार कर जाए, इसलिए चेक पोस्ट पर बीएसएफ के तीन जवान हमेशा तैनात रहते हैं। इसी तरह से जवान बंग्लादेश की तरफ से भी तैनात रहते हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच रस्सी एक ही होती है।

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बंगलादेश और इंडिया का डावका झील पर बॉर्डर

बॉर्डर पर लगने वाले बाजार की खास बात ये है, कि यहां दोनों देशों की करंसी चलाती है, कभी कभार दुकानदारों के पास दूसरे देश की करंसी ज्यादा आ जाती हैं, तो वे आपस में करंसी बदल लिया करते हैं, लेकिन ऐसा बाजार खत्म होने के बाद ही किया जाता है।

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