पांच राज्यों में हुए विधानसभा में काग्रेस को तीन राज्यों में जीत हासिल हुई. वैसे तो दो राज्यों में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला पाया. लेकिन फिर भी कांग्रेस ने इन राज्यों में भी सत्ता में वापसी कर ली. वो इसलिए क्यों कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में काग्रेस सबसे ज्यादा सीटों वाली पार्टी बनकर उभरी.

साथ ही राजस्थान और मध्य प्रदेश में सीएम पद के चेहरों का भी एलान हो चुका है. लेकिन छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस पार्टी के अाला कमान की काफी गहमा-गहमी के बाद सीएम पद के चेहरो का भी नाम सार्वजनिक कर दिया है. और अब छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल होंगे.

जिन्हे विधायक दल ने अपना नेता चुन लिया है. नेता चुने जाने के बाद भूपेश ने राहुल गांधी और विधायकों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि पार्टी के घोषणा पत्र पूरा करना मेरी प्राथमिकता है. बघेल ने कहा कि वादे के मुताबिक 10 दिन के भीतर कर्जा माफ होगा. छत्तीगढ़ के मुख्यमंत्री चुन लिए गए हैं. लेकिन हर कोई जानना चहता है कि भूपेश बघेल हैं कौन.. तो आएइ आपको बताते हैं कि भूपेश बधेल  कौन हैं.

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दरअसल 80 के दशक में जब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा हुआ करता था, भूपेश ने राजनीति की पारी यूथ कांग्रेस के साथ शुरू की थी. दुर्ग जिले के रहने वाले भूपेश.. दुर्ग के यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने.

1994-95 में भूपेश बघेल को मध्यप्रदेश यूथ कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया. 1993 में जब मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए तो भूपेश कांग्रेस से दुर्ग की पाटन सीट से उम्मीदवार बने और जीत दर्ज की.

उन्होंने बीएसपी के केजूराम वर्मा को करीब 3000 वोट से मात दी थी. इसके बाद अगला चुनाव भी वो पाटन से ही जीते. इस बार उन्होंने बीजेपी की निरुपमा चंद्राकर को 3700 वोटों से मात दी थी. जब मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार बनी, तो भूपेश कैबिनेट मंत्री बने.

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साल 2000 में जब छत्तीसगढ़ अलग राज्य बन गया और पाटन छत्तीसगढ़ का हिस्सा बना, तो भूपेश छ्त्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे. वहां भी वो कैबिनेट मंत्री बने. 2003 में कांग्रेस जब सत्ता से बाहर हो गई, तो भूपेश को विपक्ष का उपनेता बनाया गया.

2009 में कांग्रेस ने उनकी सीट बदली और राजधानी रायपुर से चुनाव लड़वाया. इस बार उनके सामने रमेश बैश थे. रमेश बैश ने उन्हें मात दे दी. अक्टूबर 2014 में उन्हें प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया और तब से वो इस पद पर हैं.

आपको बता दें कि जीत के बाद से ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सीएम पद के दावेदारों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल का नाम काफी ऊपर था. पीसीसी चीफ रहते ही उन्होंने कार्यकर्ताओं में जान डाली और प्रदेश में सरकार विरोधी लहर पैदा करने में काफी हद तक सफल माने जा रहे हैं.

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आपको बता दें कि 27 अक्टूबर 2017 को एक कथित सेक्स टेप वायरल हुआ था, राज्य में चर्चित सेक्स सीडी मामले में भूपेश बघेल को सीबीआई अदालत ने सीडी बांटने के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. बघेल 8 अक्टूबर तक रिमांड पर रहे थे. भूपेश बघेल को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने जेल भेजने का आदेश सुनाया था तो उन्होंने जमानत लेने से इनकार कर दिया था.

भूपेश बघेल ने कहा था कि वे इस मामले में बेल नहीं मांगेंगे और जेल जाएंगे. लिहाजा भूपेश बघेल को कोर्ट से सीधे जेल भेज दिया गया. कथित सेक्स सीडी मामले में भूपेश बघेल को अलग-अलग धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है. बघेल को 120बी, 469, 471 आईटी एक्ट 67ए के तहत आरोपी बनाया गया. ​

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