कलेक्टर एक जिले का मुखिया होता है, वो जिस स्कूल पर उंगली रख दे, वो स्कूल में उनकी बेटी को एडमिशन देने के लिए उनके दर पर दौड़े-दौड़े आए। लेकिन वहीं कलेक्टर अगर अपनी बेटी को सरकारी स्कूल में दाखिला करा दे, तो सबके लिए हैरानी की बात होगी। क्योंकि आजकल सरकारी स्कूल में तो सामान्य परिवार वाले भी अपने बच्चों को भेजना पसंद नहीं करते। दिखावे और अच्छी शिक्षा की लालच हर मा-बाप को निजी स्कूल की ओर खींच ले जाती है।

कुछ ही दिनों पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक एतिहासिक फैसला अगर आपको याद हो, तो उसमें कोर्ट ने सभी जिला अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को अपने बच्चे का एडमिशन सरकारी स्कूलों में करने को कहा था। ताकि सरकारी स्कूलों हालत में सुधार आ सके, लेकिन इस फैसले का इतना विरोध हुआ कि ये धरातल पर आने से पहले ही दम तोड़ गया, लेकिन इलाहाबाद से कुछ 350 किलोमीटर दूर एक अधिकारी शायद कोर्ट की बात को सुन भी रहा था और समझ भी तभी उसने पूरी सरकारी मशीनरी के सामने एक मिसाल पेश की है।

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कलेक्टर अवनीश कुमार शरण

छत्तीसगढ़ के बलारामपुर जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं, वजह है इनका वो काम जो अच्छे-अच्छे करने से घबराये लेकिन इन्होंने वो कर दिखाया है। दरअसल डीएम साहब ने अपनी बेटी का एडमीशन सरकारी स्कूल मे करवाया है। आज के वक्त में जब सब प्राइवेट स्कूलों की तरफ भाग रहे हैं, उस दौर में सरकारी स्कूल में अपनी बेटी को भेजना कलेजे का काम है।

अवनीश कुमार शिक्षा को लेकर काफी गंभीर है, हाल ही में बलरामपुर में शुरु हुए प्रज्ञा प्राथमिक शाला में अपनी बेटी वेदिका शरण का पहली कक्षा में एडमिशन कराया है। इतना ही नहीं इससे पहले उन्होने अपनी बच्ची को एक साल तक आंगनबाड़ी में पढ़ने के लिए भी भेजा था। ताकि उसकी नींव मजबूत हो सके।

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कलेक्टर की बेटी वेदिका शरण

दरअसल डीएम अविनाश कुमार की भी सोच वही है , जो इलाहाबाद हाईकोर्ट की थी, उनकी माने तो ऐसा करने से सरकारी स्कूलों की हालत में सूधार आएगा और ज़्यादा से ज़्यादा लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे, उन्होंने कहा..

 “मीडिया के लिए ये बात भले ही एक खबर हो सकती है, लेकिन मेरे लिए तो सिर्फ एक कर्तव्य है इस पहल से हो सकता है लोग सरकारी स्कूलों की शिक्षा से जुड़ें।”

कलेक्टर अवनीश कुमार का ये फैसला ज़रुर दूसरे लोगों के लिए बड़ी प्रेरणा का साधन बनेगा, और सरकारी स्कूल की हालात में भी सुधार भी आएंगे।

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