घर में सबसे ज्यादा पाला जाने वाला जानवर अगर कोई है, तो वो है कुत्ता। कुत्ते की वफादारी की मिसालें ज़माना देता है। और दे भी क्यों ना, ये अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने मालिक की रखवाली करता है। लेकिन इन दिनों कुत्तों को लेकर एक अजीब तरह की ख़बर सामने आ रही है। आपने गिरगिट के रंग बदलने के बारे में ज़रूर सुना होगा, लेकिन कुत्ता रंग बदल रहा है, ये शायद ही सुना हो। लेकिन ये कलयुग है यहां कुछ भी हो सकता है, मुंबई में गिरगिट के साथ कुत्ते भी रंग बदलने लगे हैं। खबर हैरान करने वाली है, लेकिन सच है।

Mumbai blue dog

आपने आज तक जो भी कुत्ता देखा होगा, या तो वो सफेद होगा, भूरे रंग का होगा, काला या फिर ब्राउन कलर का देखा होगा। लेकिन क्या कभी नीले रंग का कुत्ता आपने देखा है? शायद नहीं क्योंकि नीले रंग का कुत्ता होता ही नहीं है। लेकिन अगर आपको नीले कुत्ते देखने हो, तो आपको इसके लिए मुंबई जाना पड़ेगा, यहां की गलियों में इन दिनों नीले रंग के कुत्ते नजर आ रहे हैं।

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Mumbai blue dog

आपको बता दें, कि ये कुत्ते के रंग बदलने  के पीछे उसकी शक्ति या फिर प्रकृतिक कोई वजह नहीं है, बल्कि ये एक बीमारी की वजह से हो रहा है। जिसकी वजह से सफेद रंग वाले कुत्ते नीले रंग में कनवर्ट हो जा रहे हैं। ये घातक बीमारी खासतौर पर उन कुत्तों में ही देखी जा रही है, जो औद्योगिक क्षेत्र के पास रहते हैं। अब बताया जा रहा है, कि कुत्तों के रंग बदलने के पीछे मुंबई के प्रदूषण का हाथ है। बता दें, कि मुंबई की फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल कसाड़ी नदी में आता है, जिसमें कुछ कुत्ते खाना ढूंढने के लिए जाया करते हैं। नदी के पानी मिले केमिकल का रिएक्शन कुत्तों की स्कीन पर होता दिख रहा है और इसी वजह से उनके सफेद फर नीले होकर वो बिमार पड़ रहे हैं।

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इस पूरे मामले पर लोकल फिशिंग कम्यूनिटी के मेंबर योगेश पगड़े का कहना है कि..

‘पिछले कुछ वर्षो में एमपीसीबी की वजह से कसाड़ी नदी में बदबू थोडी कम हुई है, लेकिन प्रदूषण का लेवल पहले से ज्यादा हो गया है, यहां तक इसमें ऑक्सीजन का लेवल भी कम हो गया है’

वही क्रेन्द्रिय प्रदूषण बोर्ड का कहना है कि जब बीओडी का लेवल 6 मिलीग्राम/एल  से ऊपर हाता है, तो मछली मर जाती है और 3 मिलीग्राम/एल से ऊपर लेवल हो तो, इंसानों के लिए वो पानी यूजफुल नहीं रहता है। बता दें कि इन दिनों कैमिकल प्रोडक्ट्स की वजह से कसाडी नदी में प्रदूषण का लेवल 13 गुना बढ़ गया है।

Mumbai pollution control board

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत दर्ज

गुरुवार को नवी मुबंई पशु संरक्षण सेल ने महाराष्ट्र निंयत्रण बोर्ड (MPCB) ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है। सेल ने बुधवार को नीले रंग के कुत्तों की कुछ तस्वीरें खींची और फिर उन्हें जाकर एमपीसीबी को दिखाई और जानवरों के बीमार होने की जानकारी दी। जिसका कारण हजारों दवा, खाद्य और इंजीनियरिंग फैक्ट्रियां का होना बताया गया। एनिमल प्रोटेक्शन सेल चलाने वाली आरती चौहान का कहना है कि..

‘ये चौंकाने वाला मामला है, कि कुत्तों का रंग सफेद से पूरी तरह नीला पड़ रहा है। हमने 5 ऐसे कुत्तों को देखा है, जिनका रंग नीला पड़ चुका है साथ ही ऐसा उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रदूषण बोर्ड से कहा गया है ‘

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इस पर एमपीसीबी के अधिकारियों का कहना है, कि शिकायत को दर्ज कर लिया गया है और फैक्ट्रियों का ये अवैध कार्य है, इस पर प्रदूषकों के खिलाफ कर्रवाई की जाएगी, क्योंकि वो पर्यावरण को खराब कर रहे हैं।

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