गलतियां करना और उनसे सीखना ये इंसानी फितरत है। कोई भी काम जब सीखा या किया जाता है, तो उसमें गलतियां होना लाजमी है, और इसकी छोटी-मोटी सजा भी मिल सकती है। लेकिन किसी गलती की सजा मौत दे दी जाए, तो इसे इंसानियत नहीं, हैवानियत का नाम दिया जाएगा। एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक पति ने पत्नी को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि उसने अच्छा खाना नहीं बनाया था।

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एक पति जब काम से घर वापस आता है, तो पत्नी उसे अपने हाथों से बना गरमा-गरम खाना खिलाती है। लेकिन अगर खाना ठीक ना बना हो तो क्या पति उसकी सजा दे सकता है। और सज़ा भी इतनी खौफनाक की उसकी जंदगी ही खत्म हो जाए। सोचने पर मजबूर करने वाली ये ख़बर महाराष्ट्र के पुणे से आई है, जहां ऑटोरिक्शा चलाने वाले एक पति ने अपनी पत्नी के सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि उसे अपनी पत्नी का परोसा हुआ लंच ठीक नहीं लगा था।

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दरअसल 30 साल का रोहित रासगे अपनी 29 साल की पत्नी के साथ पुणे के मंजरी इलाके में साथ में रहते थे। दोनों का एक दो साल का बेटा भी है। घटना शुक्रवार शाम 4:30 के आप-पास की है, जब रोहित घर खाऩा खाने के लिए आया था। रोहित की पत्नी शीतल ने रोज़ की तरह ही रोहित को खाना परोसा। लेकिन रोहित को उसका खाना परोसने का तरीका पसंद नहीं आया। इस बात पर दोनो में खूब बहस हुई और ये बहस एक की मौत के बाद खत्म हो गई। दरअसल इस बहस में रोहित ने अपना आपा खो दिया और शीतल को जान से मार डाला। रोहित ने इस घटना के बाद खुद ही जाकर पुलिस में सरेंडर भी कर दिया। पुलिस रोहित पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया।

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पुलिस अब रोहित से पूछताछ में जुटी है, कि हत्या के पीछे कोई और तो वजह नहीं थी। लेकिन रोहित ने हत्या करने के पीछे यही कारण बताया है। आपको बता दें, कि रोहित और शीतल की शादी 6 साल पहले हुई थी। पहले भी दोनों के बीच लडाईयां होती रहती थी। शीतल ने एक साल पहले रोहित के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज कराया था। लेकिन दोनों की आपसी लडाईयां बढ़ती चली गई, जिसका शिकार शीतल को होना पड़ा। अब इन दोनों की लड़ाई में एक दो साल का मासूम अनाथ हो गया है, जिसे फिलहाल नाना-नानी के घर भेज दिया गया है।

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