भारतीय रेल का कोयले से शुरू हुआ सफर एक ऐसे मुकाम पर आ पहुंचा है, जिसपर पूरी दुनिया की निगाहें आकर थम गई हैं। भारतीय रेल ने एक ऐसा करिश्मा किया है, कि ट्रेन चलाने के लिए न तो कोयले की ज़रूरत होगी, न तेल की और न ही बिजली की। अब आप सोचेंगे कि क्या ट्रेन हवा में उड़ेगी? तो ऐसा बिलकुल नहीं है, लेकिन इस ट्रेन को हवा की बजाय सूरज चाचू चलाएंगे। जीहां भारतीय रेल ने देश की पहली सोलर ट्रेन लॉंच कर दी है।

देश की पहली सोलर पॉवर से चलने वाली ट्रेन

भारत में लांच की गई इस पहली ट्रेन को न तो डीजल की ज़रूरत होगी न ही बिजली की बल्कि ये सोलर एनर्जी से चलेगी। शुक्रवार को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने सोलर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के सफदरजंग रलवे स्टेशन से रवाना किया । इस ट्रेन को डीईएमयू नाम दिया गया है, डीईएमयू यानी डीजल- इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट।

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दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से सोलर ट्रेन रवाना

आपको बता दें, कि सोलर पॉवर से चलने वाली इस ट्रेन में कुल 10 कोच होंगे, जिसमें 8 पैसेंजर और 2 मोटरयान हैं, इस ट्रेन के 8 कोच की छतों पर 16 सोलर पैनल लगे हैं, सूरज की रौशनी से ये 300 वॉट बिजली पैदा करेंगे और कोच में लगी बैटरी बैंक चार्ज होगा, इसी से ट्रेन की सभी लाइट, पंखे और इन्फॉर्मेशन सिस्टम चलेगा। इतना ही नहीं ये ट्रेन हर साल 21 हजार लीटर डीजल की बचत भी करेगी। रेलवे ने टिकट बुकिंग के लिए इंटीग्रेटीड एप भी शुरु की है। सोलर पॉवर से लॉन्च हुई ट्रेन पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहना है, कि

‘इंडियन रेलवे को एन्वायरमेंट फ्रेंडली बनने की ये एक अच्छी योजना है, हम एनर्जी के गैर-परंपरागत तरीकों को बढ़ावा दे रहे थे, आमतौर पर डीईएमयू ट्रेन मल्टीपल यूनिट ट्रेन होती है, जिसे इंजन के जरिए बिजली मिलती है, जिसके लिए इंजन में अलग से डीजल जनरेटर लगाना पड़ता था, लेकिन अब इसकी ज़रुरत नहीं पडेगी’

सोलर ट्रेन में ये हैं फैसिलिटी

सोलर पॉवर की ट्रेन की फैसिलिटि काफी शानदार है इस ट्रेन के सभी कोच में बायोटॉयलेट, वाटर डिस्पोजल, बायो फ्यूल और विंड एनर्जी के इस्तेमाल का भी इंतजाम किया गया है। ट्रेन के एक कोच में लगभग 89 लोग सफर कर सकेंगे। सोलर पावर सिस्टम को मजबूती देने के लिए इसमें स्मार्ट इन्वर्टर लगे हैं, जो ज़्यादा बिजली पैदा करने में मददगार होंगे। साथ ही इसका बैटरी बैंक रात के वक्त कोच का पूरा इलेक्ट्रीसिटी लोड उठा सकेगा।

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रेलवे ने शुक्रवार को सोलर ट्रेन के साथ एक नया इंटीग्रेटेड मोबाइल ऐप्प भी लॉन्च किया है, इसमें पैसेंजर्स को टिकट बुकिंग, पूछताछ, कोच की सफाई और खाने के आर्डर जैसी फैसिलिटी एक साथ दी जाएगी, इतना ही नहीं महिलाओं की सेफ्टी के लिए खास ऑप्शन भी मौजूद होगा। इससे आप एयर टिकट भी बुक कर सकेंगे।

रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु

रेलवे के अफसर का कहना है कि लॉन्च हुई डीईएमयू ट्रेन दिल्ली डिवीजन के सब-अरबन एरिया में चलेगी, इस ट्रेन का जल्द ही रुट और किराया तय किया जएगा। आपको बता दें, कि 1600 हॉर्स पावर वाली ये ट्रेन चेन्नई की कोच फैक्ट्री में तैयार की गई है, जबकि इंडियन रेलवेज ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अल्टरनेटिव फ्यूल (IROAF) ने इसके लिए सोलर पैनल तैयार किए और ट्रेन की छतों पर इन्हें फिट किया है। अगले 6 महिने में ऐसे 24 कोच तैयार हो जाएंगे, हर कोच में लगे सोलर सिस्टम की लाइफ 25 साल है, सोलर पॉवर ट्रेन को तैयार करने में 13.54 करोड़ का खर्च आया है एक पैसेंजर कोच की लागत करीब 1 करोड़ रुपए आई है।

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