आतंकवादी ऐसा शब्द है, जिसे सुनकर अच्छे अच्छे दहशत में आ जाते हैं और अगर बात लश्कर ए तैय्यबा की तो हो अच्छे अच्छों की भिग्गी बंधनी तय है। पर इन सब आतंकवादी संघठनों के खिलाफ एक नई मिसाल कायम करने वाला  एक चेहरा सामने आया है, जिसे हम माजिद खान के नाम से जानते हैं। माजिद ने पिछले दिनों ही जम्मू कश्मीर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।

maajid khan in center

माजिद खान जम्मू कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है। कुछ दिन पहले ही इसने आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़ने का ऐलान किया था। जिसके बाद माजिद के परिवार वाले, सारे दोस्त और करीबी सभी सदमें में आ गये थे। उसने खुद को जम्मू कश्मीर सुरक्षा बलों के सुपुर्द कर दिया है। माजिद के आत्मसमर्पण करने के बाद सेना की विक्टर फोर्स की जीओसी मेजर जनरल बीएस राजू ने कहा, कि ये एक बेहद हिम्मत भरा फैसला है जिसके लिए हम माजिद को बधाई देते हैं और वादा भी करते हैं कि उन्हें वापस एक आम जिंदगी की राह में पूरी मदद दी जाएगी।

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माजिद के हथियार डालने का कारण उसकी माँ को बताया जा रहा है। माजिद की माँ ने अपने बेटे के आतंकवादी बनने के बाद एक विडियो सोशल मिडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें वह माजिद से यह कह रही है “आ मेरे बच्चे तू मुझे भी मार दे मुझे यहाँ क्यों छोड़ गया है मुझे अकेला” इस तरह के शब्दों से हर किसी का दिल पसीज जाता है। इस को अगर आप देखेंगे तो आप भी रो देंगे। माजिद पेशे से फुटबॉलर हैं और जिला स्तर का बेहतरीन प्लेयर भी रह चुका है। इसलिए इस माहिर हिम्मती का समर्थन करते हुए भारतीय फ़ुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने माजिद को अपनी फुटबाल अकादमी में ट्रेनिंग देने का फैसला किया है. इसके लिए वे जम्मू कश्मीर फुटबॉल फेडरेशन को एक पत्र भी लिखा है.

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Majid-Khan-As-Volunteer

आतंकी संगठन लश्कर ए तैय्यबा में जुड़ने से पहले माजिद कई सामजिक संगठनों से भी जुड़ा हुआ था। समाज कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली एक संस्था में माजिद बतौर कार्यकर्ता ज्वाइन हुआ था पर बाद में वह इमरजेंसी टीम का मुख्य भी बन गया था.माजिद की वापसी से उसके परिवार वाले बहुत खुश हैं.