किसने कहां खाना खाया? कौन कहां घूमने गया था ? किसने कौन सी गाड़ी खरीदी ? घर में कोई खुशी आई है ? पहले इन सवालों के जवाब तभी मिलते थे, जब वो रूबरू होकर आपको बताए या फिर आप उसके घर जाएं, तो इन चीजों के देखें। लेकिन अब ऐसा नहीं है, ये सारा ब्योरा चाहिए तो उसके सोशल अकाउंट खंगाल लीजिए, आपको सारी जानकारी मिल जाएगी। क्योंकि आजकल हर खुशी और ग़म इंसान इसी ज़रिए शेयर करता है। लेकिन अब उन लोगों को थोड़ा सावधान हो जाना चाहिए जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल रईसी दिखाने के लिए करते हैं। 

Facebook या बाकी सोशल साइट्स पर रईसी दिखाने वालों की कमी नहीं है। ये खबर उन्हीं लोगों के लिए हैं। जो इतने से को इतना बड़ा बनाकर पेश करते हैं। कप को मग और जार को कार बनाने वाले अब सावधान हो जाए। वरना उनकी ये रईसी उनके लिए बहोत महंगी पड़ सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक मोदी सरकार अगस्त से एक ऐसा वर्चुअल हॉउस तैयार कर रही है, जिससे टैक्स चोरी करने वालों को पकडने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि, इमकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके बैंक अकाउंट का मैच सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटो से करेगा। यानी आपके अकाउंट का पैसा और खर्चा कितना है, वो मैच किया जाएगा।

जरुर पढ़ें:  केले का छिलका डस्टबीन में डालकर नन्ही लक्ष्मी बन गई ब्रांड एंबेसडर
Demo Pic

अगर आपकी सोशल प्रोफाइल पर दी गई इनफॉर्मेशन और पोस्ट की गई जानकारी बैंक अकाउट से मैच नहीं करती, तो इनकम टैक्स विभाग आपसे पूछताछ करेगा। यानी आपने कोई कार ली या विदेश घूमने गए और उसकी फोटोज़ आपने फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल साइट पर डाली, तो विभाग इसका पैसा आपके पास कहां से आया, इसकी जांच करेगा। और जांच में कोई त्रुटी पाई गई तो फिर आपकी खैर नहीं। इसमें दिक्कत जो लोग टैक्स चोरी करते हैं उनको तो होगी ही, लेकिन विभाग के इस पेंच में वो लोग भी फंस जाएंगे जो फर्जी में रईसी दिखाने के लिए महंगी कारों के खरीदने और विदेश घूमकर आने की फर्जी अफवाहें यहां फैलाते हैं।

जरुर पढ़ें:  लड़कों की शौकिन 40 साल की इस आंटी की कहानी आपके होश उड़ा देगी
demo pic

मोदी सरकार इस प्रोजेक्ट पर लगभग 10 बिलियन रुपए खर्च कर रही है। हालांकि इस प्रोजेक्ट पर सात साल से काम चल रहा है और इसके ज़रिए सरकार विश्व का सबसे बड़ा बॉयोमेट्रिक डाटाबेस तैयार कर रही है। इस डाटा बेस से इनकम टैक्स, ईडी, बैंक, एनआईए को भी टैक्स चोरी को रोकने में मदद मिलेगी। क्योंकि काफी लोग अपनी कमाई की सही जानकारी नहीं देते हैें। इसलिए सरकार का मकसद इस प्रोजेक्ट्स के जरिए उनका पर्दाफाश कर उन्हें पकड़ना भी है।

Loading...