2019 लोकसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे है..जिसे लेकर तमाम राजनीतिक पार्टीयों ने अभी से ही तैयारी शुरू कर ही हैं. और साथ ही चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आती जा रही है. वैसे ही सियासी उठापटक और नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला भी जोर पकड़ता हुआ नज़र आ है.

और इसी कड़ी में हाल ही में भाजपा शासित प्रदेश झारखंड में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल को एक बड़ा झटका लगा है. और जो 2019 के आम चुनावों से पहले एनडीए के लिए भी बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है.

दरअसल झारखंड में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री जलेश्वर महतो ने जेडीयू का साथ छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है. नई दिल्ली में कांग्रेस में शामिल होने के बाद महतो ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात भी की. दरअसल झारखंड में लोकसभा चुनावों के बाद अगले साल के अंत में ही विधानसभा चुनाव भी होने हैं.

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ऐसे में जलेश्वर का कांग्रेस में शामिल होना एनडीए के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. बता दें कि जलेश्वर को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है. बाघमारा से दो बार के विधायक महतो. झारखण्ड के बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा की सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रहे. यही वजह है कि 2019 विधानसभा चुनाव से पहले महतो का शामिल होना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, मनपसंद सीट ना मिलने से नाराज होकर जलेश्वर महतो ने पार्टी छोड़ी है. और कांग्रेस का दामन थाम लिया है. आपको बता दें कि भाजपा नेता ढुल्लू महतो मौजूदा समय में बाघमारा सीट से विधायक हैं. 2009 के विधानसभा चुनाव में ढुल्लू महतो ने इसी सीट पर जलेश्वर महतो को हराया था.

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अब ऐसे में जेडीयू भाजपा नेता को इस सीट से हटाकर जलेश्वर को ये सीट नहीं दे सकी. और यही वजह है कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद महतो ने बाघमारा से वर्तमान बीजेपी विधायक ढूल्लू महतो पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि ढ़ूल्लू महतो माफिया राज चला रहे हैं. जलेश्वर आगे कहा कि बीजेपी सरकार के माफिया राज को उखाड़ने के लिए ही मैं कांग्रेस में शामिल हुआ हूं.

दरअसल झारखंड में 2019 आम चुनाव के ठीक बाद 2020 में विधानसभा के भी चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में भाजपा के सहयोगी दल जदयू के प्रदेश अध्यक्ष का कांग्रेस में शामिल होना उसके लिए और नुकसानदायक हो सकता है.

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