कल भारत को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने 18 रनों से हरा दिया. जिसके बाद फैन्स में काफी मायूसी देखने को मिल रही है. लेकिन इसी मैच में एक वाक्या ऐसा भी हुआ जिसकी गूंज अब भारत में सुनाई दे रही है. मैच के दौरान कुछ सिख युवक स्टेडियम में अलगाववादी नारे लगा रहे थे. इन सभी ने 2020 के एजेंडे की टीशर्ट भी पहनी हुई थी. इनकी मांग थी  कि इनको अलग खालिस्तान दिया जाए. इसके पहले भी जब 6 जुलाई को हेडिंग्ले में भारत और श्रीलंका के बीच हुए मुकाबले में भी एक विमान स्टेडियम के ऊपर से 5 बार गुजरा जिसमें कश्मीर के अलगाववादियों के समर्थन में हवाई जहाज़ से पोस्टर लहराए गए थे. इनमें भारत विरोधी अलग-अलग बैनर लगे थे. इन पोस्टर में कश्मीर की आजादी और मॉब-लिंचिंग का जिक्र था.

जरुर पढ़ें:  भारत पर भड़के ट्रंप, किया ये ट्वीट

लेकिन कल के मैच में अलगाववादी नारे लगाकर खालिस्तान मांग कर रहे इन सिख युवकों को हथकड़ियां लगाकर स्टेडियम से बाहर कर दिया गया था. इन सभी को देखते हुए मोदी सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है. खालिस्तान की मांग के समर्थन करने वाले संगठन सिख फॉर जस्टिस पर मोदी ने बैन लगा दिया है.

अमेरिका के सिख फार जस्टिस अपने अलगाववादी एजेंडे के तहत सिख जनमत संग्रह 2020 पर जोर देता है. लेकिन इसकी कथित राष्ट्रविरोधी हरकतों के बाद मोदी सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस बात की पुष्टी गृहमंत्री के एक अधिकारी ने की. केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक में एसएफजे को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम के तहत बैन किया गया है. अधिकारी ने बताया कि ये संगठन खुलेआम खालिस्तान की मांग कर रहा है जिसे भारत की अखंडता को बहुत बड़ा खतरा हो सकता है.

जरुर पढ़ें:  बिहार के अर्जुन की मौत का असली जिम्मेदार कौन? जानिए

इससे पहले गृह मंत्रालय के ही सूत्रों ने बताया था कि पंजाब पुलिस और एनआईए की टीम ने इस संगठन से कई मोड्यूल का भंडाफोड़ किया था. साथ ही इस बात का भी खुलासा हुआ था कि सिख फॉर जस्टिस कई राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भी शामिल है.

दरअसल सिख फॉर जस्टिस और इससे जुडे अलगाववादी पाकिस्तान समर्थित जनमत संग्रह 2020 अभियान चला रहे थे. एसएफजे की ऑफिशियल वेबसाइट कराची के जनमत संग्रह 2020 की वेबसाईट के कंटेंट शेयर कर रही थी. इसके अलावा एसएफजे के एक्टिविस्ट भी पाकिस्तानी वेबसाइट से जुडे थे. पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के इस फैसले की तारीफ की. साथ ही हमारी सुरक्षा एंजेंसियां काफी पहले से सिख फॉर जस्टिस पर नजर बनाए हुए हैं.

जरुर पढ़ें:  16 साल बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या केस में इंसाफ, राम रहीम दोषी करार
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here