पुलिस की नौकरी काफी जोखिम भरी होती है, खूंखार अपराधियों से आपका सामना होता है और जनता भी कभी-कभी उग्र हो जाती है, उसके बीच आपको अपनी सहनशीलता और संयम का परिचय देना पड़ता है। पुलिस को अपराधी को पकड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाने पड़ते हैं। ये हम फिल्मों में देख चुके हैं। गैंगस्टर फिल्म अगर आपने देखी हो और आपको याद हो, तो कंगना रणौत भी याद होगी, जिसे पुलिसवाला इमरान हाशमी उसके बॉयफ्रेंड को मारने के लिए कैसे तैयार करता है। लेकिन हकीकत में भी पुलिस वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए ऐसी तिकड़में भिड़ाते आपने कम ही देखे होंगे। लेकिन मध्यप्रदेश की एक आईपीएस ने अपराधी को पकड़ने के लिए वो किया जो किसी महिला के करना सामान्य बात नहीं है। मामला मध्यप्रदेश की राजधानी इंदौर का है, जहां 25 साल का एक नौजवान चोर पुलिस के लिए मुसीबत बन गया था।प्रकाश नाम का ये चोर लोगों के मोबाइल फोन और एटीएम चुराया करता था और फिर उससे बड़ी ही चालाकी से माल साफ कर देता था। शहर में लगातार बढ़ रही वारदातों का ये मामला जब पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस हैरान परेशान हो गई लेकिन चोर का कहीं कुछ पता नहीं चला।  तब ये केस क्राइम ब्रांच के पास पहुंचा और यहां की तेज़ तर्रार महिला एसआई ने इस मामले को नए तरीके से सुलझाने का प्लान बनाया।

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आपको बता दें कि ये शातिर चोर कोई और नहीं बल्कि एमकॉम फाइनल ईयर का एक स्टूडेंट था, जो इंदौर में आर्य हॉस्टल में रहता था और गुजराती कॉलेज से पढ़ाई कर रहा था। करीब पांच साल से वो इंदौर में ही रह रहा था और चोरी करके अपने सारे शौक पूरे करता था। पुलिस के पास शिकायतें आती रहती और प्रकाश अपनी वारदातों को बेखौफ अंजाम देता रहता। लेकिन इस शातिर चोर को पुलिस को पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया था।
कहते हैं, गुनहगार कितना भी शातिर क्यों न हो। वो एक न एक गलती ज़रूर करता है। प्रकाश ने भी ऐसी ही एक गलती की। इसबार प्रकाश ने अपना शिकार यूनियन बैंक के अकाउंटेट विजय माईणकर को बनाया। प्रकाश की इनसे अच्छी जान पहचान थी और घर में आना जाना भी। प्रकाश ने इसी का फायदा उठाकर इनके मोबाइल और एटीएम पर हाथ साफ कर दिया।

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एटीएम और मोबाइल फोन के चोरी की शिकायत पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने मोबाइल को सर्विलांस पर डाला तो पता चला, कि इस फोन से कोई शख्स इंटरनेट यूज़ कर रहा है। बस फिर क्या था, पुलिस ने जाल बिछाना शुरू कर दिया। क्राइम ब्रांच की महिला एसआई ने उस नंबर पर मैसेज भेजने शुरू किए। महिला एसआई ने व्हाट्सएप्प पर चैटिंग कर प्रकाश से दोस्ती की, फिर उसे प्यार के जाल में फंसाया।

इंसान की तो एक ही कमजोर कड़ी होती है, लड़की। प्रकाश भी लड़की के नाम पर आसानी से पुलिस के जाल में फंस गया। महिला एसआई ने प्रकाश से फोन पर बात-चीत शुरू की और उसे एक दिन मिलने के लिए बुला लिया। जहां प्रकाश से महिला एसआई की मीटिंग होनी थी, वहां सादी वर्दी में पुलिसवाले पहले से मौजूद थे। अपनी महिला मित्र से मिलने से पहले प्रकाश ने एटीएम से रुपए भी निकाले थे, जिसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पुलिस ने पहले ही सबूत के तौर पर अपने पास रख ली थी। प्रकाश अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए आया लेकिन उसे शायद नहीं पता था, उसे प्रेम के बजाय हथकड़ी के बंधन में बंधना पड़ेगा।

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इस तरह पुलिस ने जाल बिछाकर एक शातिर चोर कर रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया और पांच साल से शहर में हो रही चोरी की वारदातों पर लगाम लगा दी।  पुलिस ने प्रकाश से दोनो मोबाइल जब्त कर लिए और क्राइम ब्रांच ने उसे सदर बाजार पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन इस पूरी घटना में सबसे अहम रोल उस महिला एसआई का है, जिसने प्यार के जाल में फंसाकर प्रकाश को मौके तक बुलाया।

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