मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, चर्च ये वो जगहें हैं, जहां ईश्वर की इबादत की जाती है, अपने गुनाहों के लिए ईश्वर से माफी मांगी जाती है, लेकिन जब इन्हीं जगहों पर गुनाह किए जाने लगे तो क्या। वो भी उनके साथ जो आपको ईश्वर का अंश मानकर आपमें अपने गुरू को देखता हो, अपना मार्गदर्शक देखता हो। लेकिन वहीं राह दिखाने वाला राह भटककर आपकी भावनाओं के साथ ही आपकी इज्जत से खेलने लगे तो क्या ? लेकिन भगवान के दर पर किए गए गुनाह की कोई माफी नहीं होती, उसे एक न एक दिन सज़ा ज़रूर मिलती है। 

ऐसा ही एक संगीन मामला सामने आया है, यूके के कार्डिफ शहर में जहां मदीना मस्जिद के 81 साल के मौलवी महुम्मद हाजी सादिक को संगीन जुर्म के लिए 13 साल की कैद की सज़ा सुनाई है। दरअसल ये मौलवी 30 साल से बच्चों को इस मस्जिद में कुरान पढ़ाया करता था। मस्जिद में इस मौलवी से कुरान पढ़ने 5 साल लेकर 11 साल की लड़कियां आया करती थीं, जिन्हे हाजी सादिक सुक्शुअली हैरेस करता था। उन्हें गलत तरीकों से छूता था, छेड़ता और मारता भी था।

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महुम्मद हाजी सादिक

Daily Mail की रिपोर्ट के मुताबिक, मौलवी ने 4 लड़कियों को सेक्शुएली टार्चर किया, ये लड़कियां इस मौलवी को प्यार से अंकल बुलाया करती थीं। लेकिन इसकी नीयत में खोट थी, वो इन लड़कियों को अपनी बगल में बिठाकर कुरान पढ़ाने के बजाए, उनपर बुरी नज़र रखता था। कभी उनके कपड़ो में हाथ डालता तो कभी उन्हे अपनी टांगो और जांघों से रगड़ता था।  इन बच्चियों के साथ ये घिनौना खेल 1996 से लेकर 2006 तक पूरे 10 साल तक चला, लेकिन इन लड़कियों ने हिम्मत कर इस मौलवी को बेनकाब करने की ठानी और व पुलिस के पास पहुंच गई।

पुलिस ने जब तफ्तीश की तो मामला सही निकला, कार्डिफ काउन कोर्ट में पुलिस ने ये भी बताया, कि सादिक के पास से उन्होंने ने लोहे और लड़की की छड़ियां भी बरामद की, जिससे वो बच्चियों को गलती करने पर मारा करता था। सरकारी वकील सुजैन थॉमस ने जब कोर्ट में लड़कियों के अनुभव को बयान किया तो सुनने वाले दंग रह गए। एक पीड़ित लड़की के मुताबिक-

‘मैं रात को डर जाती थी, मुझे डरावने सपने आया करते थे, मैं खुद को सेफ फील नहीं करती थी’

दूसरी लड़की का कहना था कि…

‘मुझे लगता था कि मेरे शरीर पर मेरा कोई हक नहीं रहा , मैं खुद को हमेशा डरा हुआ फील करती थी, मोहम्मद सादिक ने मुझे मेरे धर्म से दूर किया था ‘

जब इस बेशर्म मौलवी की हरकतों को पोल कोर्ट में खुली तो कोर्ट ने भी तुरंत इसे इसके पापों की सजा सुना दी। मौलवी को ब्रटिश कोर्ट ने 13 साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट वे लड़कियों की बहादुरी का तारीफ भी की। और कहा कि-

‘इन लड़कियो ने बहादुरी दिखाई है और दोषी को सजा दिलाने के लिए किसी भी चुनौती का परवाह नहीं की’।

 

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