क्या पाद पर किसी का बस हो सकता है? क्या चाहकर भी आप अपनी पाद को रोक सकते हैं? अरे भाई वही पादना जिसे सभ्य अंग्रेजी भाषा में हम Farting कहते हैं। वैसे तो इसपर किसी का बस नहीं है, लेकिन पाकिस्तान में अगर आप भूले भटके चले जाते हैं, तो इसकी प्रैक्टिस करके जाइएगा। क्योंकि आपकी एक पाद आपको मौत में मूंह में ले जा सकती है।

आप कहेंगे ये क्या बेहूहा और बचकानी बातें हो रही है, तो ध्यान से पढ़िएगा। ख़बर पाकिस्तान से आई है। यहां रमज़ान के महीने में एक शख्स को मस्जिद में पादना महंगा पड़ गया। इस शख्स के पादने का मामला जब अदालत पहुंचा, तो जज ने तुरंत इस शख्स को सजा-ए-मौत सुना दी। आरोपी के लिए राहत के बाद ये है, कि ये उसे मौत चुनने के दो विकल्प दिए गए हैं, जो आसान लगे उसे वो चुन सकता है।

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इसी शख्स को सुनाई गई है मौत की सज़ा

इस्लामाबाद हेराल्ड में छपी खबर के मुताबिक पाकिस्तानी जज ने मुहम्मद अल वहाबी नाम के एक शख्स को रमजान के पाक महीने में मस्जिद में पादने के लिए दोषी पाए जाने पर मौत की सज़ा सुनाई है। अल वहाबी पर आरोप है, कि उसने पाकिस्तान की 6 अलग-अलग मस्जिदों से 17 बार Farting की। जिसके बाद उसे मस्जिद से बाहर कर दिया गया। साथ ही उसकी इस हरकत की वजह से दूसरों की इबादत में भी खलल पैदा हुई।

सज़ा सुनाते वक्त जज ने कहा-

रमज़ान मुसलमानों के लिए पाक महीना है, और इस दौरान मस्जिद में  इस शख्स का  अपनी हरकत की वजह से नमाज़ के दौरान एक बार में 53 लोगों का मस्जिद छोड़ने के लिए मजबूर करना बड़ा गुनाह है। और इसके लिए इसे अल्लाह की मर्जी के मुताबिक ईशनिंदा कानून के तहत सज़ा मिलनी ही चाहिए

जज ने फैसले में आगे कहा-

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मुस्लिमों को उऩके एनस में किसी भी चीज़ को डालने की इजाजत नहीं है, उंगली भी नहीं, ये कुरान के हिसाब से अक्षम्य है। एक जज के नाते मैंने एक उदाहरण पेश किया है, कि ये शरिया में किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है


आपको बता दें कि 33 साल के मुहम्मद अल वहाबी ने अपनी दलील में अदालत में कहा था, कि वो एक रेयर बीमारी chronic flatulence से पीडित हैं। उसकी इस दलील को पेश करने के लिए पाकिस्तान का कोई भी वकील तैयार नहीं हुआ। एक्सपर्ट बताते हैं, कि जो वकील इस शख्स का केस लड़ता उसे भी, इस शख्स के साथ दोषी माना जाता और वो भी सज़ा का हकदार होता, इसलिए वकीलों ने इस शख्स का केस लड़ने से इनकार कर दिया था।

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हालांकि जज ने दोषी को अपनी सज़ा चुनने का अधिकार दिया है, कि वो गला कटकर मरना चाहेगा या फिर भीड़ के हाथों पत्थऱों को खाकर। अल वहाबी ने कोर्ट में खुदा और अपने धर्म को अपवित्र करने के लिए लोगों और जज से माफी भी मांगी और कोर्ट के फैसले पर धन्यवाद देते हुए उसकी दो बीवियों और सात बच्चों को बख्श देने की अपील की।