आज के वक्त में हर कोई चाहता है, कि उसे एक अच्छी और बढ़िया नौकरी मिल जाए। ये नौकरी अगर गूगल जैसी मल्टिनेशनल कंपनी में मिल जाए, तो फिर बात ही क्या। इंसान अपनी सारी जिंदगी इसी कंपनी में काट दे, लेकिन एक शख्स ऐसा भी है, जो गूगल की नौकरी छोड़कर समोसे बेच रहा है। आप कहेंगे क्या बेफकूफी है। लेकिन जब आप ये जानेंगे, कि समोसे बेचकर ये इतना कमाता है तो आपका उसके लिए सोचने का आपका तरीका ही बदल जाएगा।

मुनाफ कपाड़िया

नाम है मुनाफ कपाड़िया, जिन्होंने गूगल की नौकरी को लाट मारकर समोसे बेचने शुरू किए और इन समोसो को बेचकर मुनाफ सालाना 50 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं। ये सुनकर आपको यकीन नहीं हुआ होगा, कि समोसे बेचकर 050 लाख रुपए कैसे कमाए जा सकते हैं ? तो हम आपको बता दें, कि मुनाफ कपाडिया एमबीए के स्टूडेंट हैं। एमबीए करने के बाद वे विदेश चले गए थे। बस तभी से उनके दिमाग में समोसे को लेकर आइडिया आया। उनके इस आइडिया ने उन्हें फोर्ब्स के अंडर 30 अचीवर्स की लिस्ट में शामिल कर दिया है।

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कहा ये आया आइडिया

मुनाफ कपाडिया की मां नफीसा, अपना ज्यादातर समय टीवी में फूड शो देखने में बिताया करती थीं, वही से उन्हें आइडिया मिला, कि वो भी अपना फूड चैन खोले। मुनाफ बोहरी समुदाय से हैं, जहां का खाना बेहद लजीज होता है, जैसे मटन समोसा, नरगिस कबाब, डब्बा गोश्त, कढ़ी चावल आदि। 

मुनाफ को अपनी मां के हाथ का बना कीमा समोसा और रान बेहद पंसद था, उसे उन्होंने अपने कुछ फ्रैंड्स को भी खिलाया। इस टेस्टी और लाजवाब खाने की उनके दोस्तों ने इतनी तारीफ की कि उनके दिमाग की बत्ती जल गई और तभी से उन्हें ये आइडिया आया, कि क्यों ना अपनी मां के हाथ का बना खाना सभी को खिलाया जाए। और मुनाफ ने खोल लिया अपना ‘बोहरी किचन’ रेस्टारेंट।
मां-बेटे ने अपने रेस्टारेंट का बेस्ड फूड कीमा समोसा सभी को खिलाना शुरु किया और साथ ही नरगिस कबाब, डब्बा गोश्त भी अपने रेस्टारेंट के मैन्यू में शामिल किए और आज इनका टर्नओवर 50 लाख तक पहुंच गया है। अगले तीन साल तक इनका टारगेट इसे 3 करोड तक ले जाने का है। मुनाफ का ‘बोहरी किचन’ नाम का ये रेस्टारेंट आज मुंबई में ही नहीं, पूरे इंडिया में फेमेस हो चुका है।