कॉलेज स्टूडेंट को पढ़ाई के साथ मौज-मस्ती करने का भी मौका देता है। स्कूल पासआउट करते ही सभी स्टूडेंट का कॉलेज जाना एक ड्रीम होता है। यहां पढ़ाई तो होती ही है, लेकिन उसके साथ न्यू फ्रैंड्स, मस्ती-मजाक, घूमने जैसे कई शौक भी पूरे होते हैं। लेकिन क्या कोई कॉलेज अपने स्टूडेंट को पढ़ाने के बजाए शराब और पॉर्न की लत लगा सकता है? जहां हर रात बच्चों का शोषण किया जाता हो, उन्हें शराब पिलाई जाती हो?

कॉलेज में सीनियर अपने जूनियर की रैंगिग करते हैं, इसे क्राइम माना जाता है। क्योंकि रैगिंग किसी भी स्टूडेंट को डिप्रेशन में डाल देती है, इतना ही नहीं रैगिग से परेशान बच्चे कई बार सुसाइड भी कर चुके हैं। इस पर कई फिल्में और सीरियल भी बनाए गए हैं। रैंगिग को लेकर कॉलेज में कई कड़े कानून बनाए गए हैं। लेकिन एक बार फिर कॉलेज के सीनियर्स रैगिंग के क्राइम से बेखबर हो गए हैं और स्टूडेंट के साथ रैंगिग कर रहे हैं। आपको बता दें, कि हाल के दिनों में लॉ कॉलेज के स्टूडेंट रैगिंग का शिकार हो रहे हैं। जहां कॉलेज के सिनीयर अपने जूनियर की रातभर रैगिंग कर रहे है। जिसकी शिकायत एक स्टूडेंट ने रात के करीब साढे ग्यारह बजे की।

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मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया है, जहां नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी के कॉलेज में नया सेशन शुरु हो गया है। यहां के एक जूनियर स्टूडेंट ने रैगिंग की शिकायत की है। लेकिन रैंगिग के जिस तरीके का उसने खुलासा किया है, वो काफी चौंकाने वाला है। छात्र के मुताबिक उन्हें रात भर जबरन बिठाकर पॉर्न फिल्में दिखाई जाती हैं। उनका मजाक उड़ाया जाता है और शराब पीकर सीनियर्स खूब गुड़दंग करते हैं। 

कॉलेज के जूनियर स्टूडेंट ने शिकायत में कहा है, कि वो गंदे और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। रात भर सिगरेट पीकर धुंआ उनके मुंह पर उडाते हैं और उनके धर्म का मजाक बना कर उन्हें छोड देते हैं। कॉलेज के ही किसी और स्टूडेंट ने भी आरोप लगाया हैं, कि एनएलआईयू के सीनियर यहां की शांति भंग कर रहे हैं,शराब पीने का दवाब बनाते हैं और लाइब्रेरी तक नहीं जाने देते हैं।

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 कॉलेज में रैंगिंग की जा रही है जांच..

एनएलआईयू  के मैनेजमेंट ने जांच शुरु कर दी है, प्रॉक्टर डॉ.राजीव खरे ने बताया कि पीडित का नाम पता नहीं चलने से इस तरह की शिकायत पर कार्रवाई करना मुश्किल होता है, जूनियर्स से पूछताछ की गई उनसे घटनाओं की जानकारी ली गई, लेकिन स्टूडेंट इस तरह की घटना से साफ मना कर रहे है, डॉ. खरे का कहना है कि..

‘इस मामले की पूरी पड़ताल की जा रही है, जूनियर की सुरक्षा के लिए पूरी टीम अलर्ट है और एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वॉड और अन्य सभी समय-समय पर जांच करते रहते हैं’

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