युपी सरकार आए दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई न कोई इंतजाम करती रहती है. कभी चाहें फिर वो बच्चों की शिक्षा सो जुड़ा हो या फिर राज्य के लोगों की सेहत या सुरक्षा से. योगी राज में हर छोटी से छोटी चीज पर भी ध्यान दिया जाता है. और इसी को देखते हुए केवल आम जनता ही नही बल्कि बड़े बड़े मंत्रियों को भी इन निर्देशों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.

इसी कड़ी में मोबाइल फोन से डेटा हैकिंग साथ ही जासूसी के बढ़ते खतरे से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बेहद सतर्क हैं. योगी आदित्यनाथ ने मोबाइल फोन को बड़ा खतरा मानते हुए इसको कैबिनेट मीटिंग के बाद समीक्षा बैठक में भी इस पर बैन लगा दिया है. अब जैसा कि आप जानते है राजनीति में आए दिन कोई न कोई घमासान होता ही रहता है. ऐसे में इस बात का काफी ध्यान रखा जाता है कि किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में कोई बवाल न हो. और किसी की सुरक्षा को लेकर कोई चूक न हो.

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बुधवार को उत्तर प्रदेश में लेखपालों को लैपटॉप वितरण किए गए. सरकार ने तकनीकी सुविधाओं और फायदों को देखते हुए सूबे में लेखपालों को लैपटॉप वितरण कराए. लेखपाल के लैपटॉप कार्यक्रम में सभी लोगो का मोबाइल बाहर रखवाया गया. जानकारी के मुताबिक, सिर्फ अधिकारियों के नहीं बल्कि लैपटॉप लेने आए लेखपालों के मोबाईल भी बाहर रखवाए गए.

बता दें कि इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट की बैठक में मोबाइल फोन पर बैन लगा दिया था. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट बैठकों के दौरान मंत्री के मोबाइल फोन नहीं लाएंगें. कैबिनेट बैठकों के दौरान अब मंत्रियों के मोबाइल फोन लाने पर पाबंदी लगा दी गई है. इससे पहले मंत्रियों को मोबाइल फोन लाने की अनुमति थी. उसे स्विच ऑफ या फिर साइलेंट अथवा एरोप्लेन मोड पर रखना होता था.

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