नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच हो रही तनातनी पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सीबीआई की तरह ही आरबीआई को भी तबाह करना चाहती है।

बता दें कि ओवैसी का बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार और आरबीआई के तनातनी के बीच उर्जित पटेल के इस्तीफे की खबरें आ रही हैं। ओवैसी ने कहा कि अगर उर्जित पटेल आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफा देते हैं तो इसे आरबीआई की स्वायत्तता में दखल माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई की स्वयत्तता तबाह की और अब आरबीआई की बारी है।

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उधर पहली बार सरकार ने आरबीआई की धारा 7 का इस्तेमाल करते हुए आरबीआई को 3 पत्र भेजे हैं। बता दें कि इस धारा के मुताबिक, सरकार को यह अधिकार है कि वह आरबीआई को निर्देश भी जारी कर सकती है। खबर है कि केंद्र ने सरकारी बैंकों की हालत, लिक्विडिटी की कमी और पावर सेक्टर के एनपीए के मुद्दे पर धारा 7 के तहत रिजर्व बैंक को पिछले दिनों पत्र भेजे हैं। इन मुद्दों पर सरकार और आरबीआई के बीच मतभेद हैं।

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक 12 बैंकों को त्वरित कार्रवाई की श्रेणी में डाला है। इसके तहत बैंक नया कर्ज नहीं दे सकते, नई ब्रांच नहीं खोल सकते और ना ही डिविडेंड दे सकते हैं। सरकार पीसीए नियमों में ढील चाहती है ताकि कर्ज देना बढ़ सके। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा था कि बैंकों की बैलेंस शीट और ना बिगड़े, इसलिए रोक जरूरी है।

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