भारत के 14वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है, लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद उनके नाम कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हो गए हैं, जो उनके पहले के पीएम नहीं कर पाए। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे प्रधानमंत्री मोदी का आज 66वां जन्मदिन है और उन्होंने अपने जन्म दिन के मौके पर 56 साल लंबा इंतजार को खत्म करते हुए सरदार सरोवर बांध का लोकार्पण किया। लेकिन आज जो काम मोदी जी देश के पीएम बनकर कर रहे हैं, अगर वे साधू बन जाते तो शायद नहीं कर पाते। सुनकर आप चौंक गए होंगे लेकिन ये सच है, कि नरेंद्र मोदी कभी साधू बनना चाहते थे।

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Prime Minster Narendar Modi and his mother

अपने परिवार में 6 भाई-बहनों में तीसरे नंबर के नरेंद्र मोदी की परवरिश काफी गरीबी में हुई, उन्हें पिता के साथ वडनगर स्टेशन पर चाय बेचनी पड़ी थी, ये सब जानते ही है। चाय बेचते हुए ही उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन मोदी की जिन्दगी के में एक वक्त ऐसा आया था, जब वो घर छोड़ने के लिए मजबूर हे गए थे और उसी के बाद उन्होंने तय किया था, कि वे साधू बन जाएंगे, लेकिन ऐसा हो ना सका। मोदी जी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, इसलिए वो आज देश के पीएम बन गए।

Prime Minster Narendar Modi

बता दें, जब नरेंद्र मोदी 13 साल के थे, उनकी माता ने उनकी शादी एक लड़की से तय कर दी थी, लेकिन मोदी को ये शादी मंजूर नहीं थी, वो शादी नहीं करना चाहते थे। लेकिन फिर भी उनका विवाह जसोदाबेन से कर दिया गया, उसी वक्त मोदी ने अपनी हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी कर ली थी और इसी बीच उनके साथ घर-परिवार की समस्याएं बढ़ने लगी थी, तब उन्होंने 1967 में घर छोड़ने का फैसला किया। उसके बाद वो हिमालय के एक आश्रम में जा पहुंचे, जहां से उनके मन में साधू बनने की प्ररेणा उठी।

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Prime Minster Narendar Modi with vivekanand statue

घर-परिवार छोड़ने के बाद 2 साल तक मोदी विवेकानंद आश्रम में रहे और वहां उन्होंने योगी साधू और हिन्दूत्व की पढ़ाई की। नरेंद्र मोदी चाहते थे, कि वो भी साधू बनकर स्वामी विवेकानंद के रामाकृष्ण मिशन से जुड़ जाए और साधू का जीवन व्यतीत करे। कहा जाता है, कि मोदी विविकानंद से बेहद प्रभावित रहे हैं। लेकिन शायद जो मोदी चाहते थे, लेकिन वो उनकी किस्मत में था ही नहीं। इसलिए वो 17 साल की उम्र में अहमदाबाद वापस आ गए और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) की सदस्यता हासिल कर ली, जहां से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई। इसके बाद वो गुजरात के सीएम बने और फिर देश के पीएम।

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