सड़कों पर टंगे दुल्हनों के ये लिबाज़, ये बता रहे हैं, कि ये उनके बदन पर हो न हो कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि समाज़ उन्हें औरत नहीं सिर्फ उपभोग की वस्तू समझता है। ये तस्वीरें अरब देशों की हैं, जहां दूल्हनों ने प्रोटेस्ट के लिए इन लिबाज़ों को सड़कों पर टांग दिया है।

इन दिनों अरब देशों की राजधानी की सड़कें इसी तरह अजीबो-गरीब कपड़ों से आपको पटी मिल जाएंगी। यहां जिधर देखो आपको सड़कों पर ऐसे ही दुल्हनों के कपड़े लटकते मिल जाएंगे। दरअसल ये कपड़े विरोध के तौर पर टांगे गए हैं, और ये विरोध उस कानून का है, जिसे बलात्कारियों की हिफाजत के लिए बनाया गया है।

अरब की ये संस्था महिलाओं के अधिकारों को लेकर पहले भी लड़ती रही है। उनके हक और हुकूक के लिए आवाज उठाती रही है। अब ये संस्था रेप को लेकर बनाए गए कानून का विरोध कर रही है। संस्था का इन सफेद कपड़ों को सड़कों पर टांगकर ये संदेश दे रही है, कि उनके रेप को आप सफेद कपड़ों से ढक नहीं सकते हैं। संस्था ने ये कदम लोगों को जागरूक करने के लिए उठाया है। 

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दरअसल कई खाड़ी देशों और लेबनान में रेप को लेकर जो कानून है, उसके मुताबिक रेप करने वाला पीड़िता से शादी कर ले, तो उस पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होता। यानी ये बलात्कारियों के सजा के बजाय कवच जैसा है। आप जिससे शादी करना चाहते हैं, उसके साथ बलात्कार कर ले, तो आपकी शादी उससे होनी तय है। यानी आपका काम भी हो गया और सजा भी नहीं मिली। इसी बेदर्द, बेतुके और पुरुषवादी कानून के खिलाफ ये महिलाएं सड़क पर अनोखे तरीके से प्रोटेस्ट कर रही हैं।इस कानून की वजह से पीड़ित को कितना सहना पड़ता है, ये सोचकर ही रूह कांप जाती है। दरअसल इस कानून की वजह से पीड़ित के एक भाई ने तो इसे घोटाला बताते हुए इसे पुरुषवादी सोच का कानून करार दिया है। जिसमें महिलाओं को सिर्फ भोग का ज़रिया समझा जाता है।

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आपको बता दें, कि 2014 में मोरोक्को ने एक ऐसा प्रावधान प्रस्तावित किया था, जिसमें रेपिस्ट को सजा के तौर पर बलात्कार की शिकार लड़की से शादी करनी अनिवार्य होगा। इसी प्रावधान को नज़ीर मानते हुए बाद में लेबनान और जॉर्डन सरकार ने भी इसे अपने देश में लागू कर दिया। हालांकि कानून में किया गया ये बदलाव एक रेप की शिकार बासमा मोहम्मद लतीफा के लिए मौत की वजह ही साबित हुआ।

लतीफा के परिवार ने बताया, कि तीन साल पहले लतीफा के साथ रेप हुआ था। लतीफा दक्षिण लेबनान के एक गांव में बलात्कारी के गंदे इरादों का शिकार हुई थी। उस शख्स की उम्र लतीफा से लगभग दोगुनी थी। कानून की वजह से लतीफा का परिवार पुलिस के पास नहीं गया, और वे लतीफा की शादी उस शख्स से कराने की लिए तैयार हो गए। लेकिन कुछ ही दिनों बाद रजमान के दौरान बलात्कार के आरोपी ने लतीफा को उसके मायके में ही आकर नौ गोलियां मारकर उसे मौत की नींद सुला दिया। तब लतीफा की उम्र महज़ 22 साल की थी।

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