इन दिनों विश्व में भारतीय मूल के नागरिकों का जलवा विदेशी सियासतों में भी खूब देखने को मिल रहा है. कुछ दिन पहले ही भारतीय मूल की प्रीति पटेल को ब्रिटेन का गृहमंत्री बनाया गया. प्रीती पटेल की इस उपलब्धि पर जहां भारत का सीना गर्व से ऊंचा हुआ तो वहीं एक बार फिर भारतीय मूल के शख्स ने भारत का नाम रोशन कर दिया.

हम बात कर रहें है उस शख्स की  जो आंखों में कुछ बड़ा बनने का सपना लिए अपनी सरजमी से विदेश गया. विदेश जाने के बाद कड़ी मेहनत की  और आज वहां की सत्ता में न सिर्फ अपना बल्कि भारत का नाम भी चमका दिया. दीपक राज गुप्ता. पंजाब के चंड़ीगढ़ का मुंडा दीपक राज गुप्ता अब आस्ट्रलिया में राज करेगा.

चंढीगढ़ से आने वाले दीपक गुप्ता ने ACT यानी ऑस्ट्रेलियाई कैपिटल टेरिटरी विधानसभा में विधायक पद के साथ साथ पहले भारतीय-आस्ट्रेलियाई सदस्य के तौर पर शपथ ली. वो अब गुंगाहलिन विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं. साथ ही वहां की लेबर पार्टी से पहले भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई विधायक हैं. शपथ लेते वक्त भी वो भारत को नहीं भूले. उन्होंने अपनी शपथ बाईबल पर नहीं बल्कि भागवद् गीता पर हाथ रख कर ली.

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कहना आसान है कि वो अब विधायक बन गए लेकिन इसके पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष की कहानी भी है जिसके बाद आज दीपक गुप्ता ने ये मुकाल हासिल किया. आपको शायद ही पता होगा कि ऑस्ट्रेलिया में विधायक बने दीपक कभी वहां की गाडियां भी धोते थे.

सन 1989 में आईटी यानी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की पढाई करने दीपक ऑस्ट्रेलिया गए थे. परिवार चंढीगढ़ में ही था. दीपक जब ऑस्ट्रेलिया पहुंचे तो उनकी जेब में सिर्फ 150 डॉलर थे. गुप्ता एक स्टूडेंट थे. घर से भेजा हुआ पैसा पूरा नहीं होता था. इसके लिए उन्होंने लोगों की कार धोनी शुरू कर दी. यही नहीं उन्होंने एक रेस्टोरेंट में भी काम किया. अपनी मेहनत और लगन से बाद में वो टिफिन्स डिपार्टमेंट में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बने. दीपक राज गुप्ता (AIBC)  यानी ऑस्ट्रेलिया-भारत बिजनेस काउंसिल के भी 10 साल तक अध्यक्ष रहे हैं. इसके अलावा वो AIBC के नेशनल एग्जीक्यूटिव बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के मेंबर भी थे.

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अब सवाल ये दीपक गुप्ता ऑस्ट्रलिया के विधायक कैसे बने. दरअसल साल 2016 में दीपक ने गुंगाहलिन विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ा और वोट काउंट में दीपक दूसरे नंबर पर थे. हुआ ये 2016 में इस सीट से जो विधायक जीता था, उसने हालहीं में इस्तीफा दे दिया. तो वहां के नियमों के अनुसार दूसरे नंबर पर आने वाले कैंडिडेट यानी दीपक राज गुप्ता को अब वहां का विधायक बना दिया गया. गौरतलब है कि गुंगाहलिन कैनबरा का चौथे नंबर का बड़ा शहर है.

आस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय के नेता गुप्ता शुरुआत से ही सामाजिक कार्यो में हिस्सा लेते रहे हैं. इसके लिए उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है. 2012 में उन्हें कम्युनिटी एडवोकेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. दीपक गुप्ता का परिवार आज भी चंढ़ीगढ़ में रहता है और दीपक की इस उपलब्धि पर बेहद खुश भी है. उनके परिवार के साथ साथ पूरे भारत को भी दीपक गुप्ता पर गर्व है.

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