जब किसी की नई-नई नौकरी लगती है, तो घर वाले, दोस्त, पड़ोसी उससे पहला सवाल क्या पूछते हैं? भई और क्या, सैलरी। सबसे पहला सवाल यही होता है, कि यहां कितना मिलेगा ? बाकी सवाल ऑफिस कैसा है ?, बॉस ठीक तो हैं, जैसे सवाल उसके बाद आते हैं। अब देश में नए राष्ट्रपति चुनकर आए हैं, तो लोग सबसे पहला सवाल यहीं जानना चाह रहे हैं, कि रामनाथ जी को यहां कितना मिलेगा ?

इस सवाल का जवाब आपको हम ज़रूर देंगे, लेकिन उससे पहले ये जान लीजिए कि यहां सैलरी मैटर ही नहीं करती। क्योंकि जो सुविधाएं उनको मिलेगी वो किसी राजा-महाराजा को भी नसीब नहीं होती। देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रणब मुखर्जी की जगह 750 से ज्यादा स्टॉफ वाले राष्ट्रपति भवन में रहेंगे। इस आलीशान भवन को अंग्रोजों ने भारत के वायसराय के लिए बनवाया था, जो आजादी के बाद से ही देश के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास है।
आपको शायद जानकारी भी हो, कि इसे रायसीना हिल्स भी कहा जाता है। वो इसलिए क्योंकि राष्ट्रपति भवन का नाम दो गांवों- रायसीना और मालचा के नाम पर है। इस भवन को ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और हरबर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। ये भवन पूरे 330 एकड़ से ज्यादा एरिया में फैला है और 2 लाख स्कॉयर फीट में इसका निर्माण हुआ है। इस भवन को 1913 में बनाना शुरू किया गया था। 23 हजार से ज्यादा मजदूर की मदद से इसे बनने में पूरे 16 साल लगे और सन 1929 में ये बनकर तैयार हुआ। चार मंजिला राष्ट्रपति भवन में कुल 340 कमरे हैं, जिसमें 63 बेडरूम और इतने ही लिविंग रुम्स भी हैं। राष्ट्रपति भवन में 35 गैलरी और कॉरिडोर हैं, जो कई कमरों से कनेक्ट हैं। सबसे लंबा कॉरिडोर करीब 2.5 किलोमीटर लंबा है। इसी आलीशान भवन में अब कोविंद रहेंगे।

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अब आते हैं, आपके पहले वाले सवाल पर, तो आपको बता दें, कि राष्ट्राध्यक्ष बनकर रामनाथ को कोविंद को सैलरी के तौर पर पांच लाख रुपए महीने की तनख्वाह मिलेगी। ये पिछले राष्ट्रपति से 200 गुना ज्यादा है। दरअसल इससे पहले राष्ट्रपति को सिर्फ डेढ़ लाख रुपए ही तनख्वाह के तौर पर मिलते थे लेकिन 7वें वेतन आयोग ने हाल ही में राष्ट्रपति की सैलरी में 200 फीसद बढ़ोतरी का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। जिसका फायदा नए राष्ट्रपति को मिलेगा। आपको बता दें, कि इससे पहले 2008 में राष्ट्रपति की सैलरी में बढ़ोतरी की गई थी। 2008 से पहले राष्ट्रपति को सिर्फ पचास हजार रुपए महीने तनख्वाह मिलती थी। राष्ट्रपति की सैलरी में 200 फीसद की बढ़ोतरी इसलिए की गई, क्योंकि देश में कैबिनेट सेक्रेटरी की तनख्वाह राष्ट्रपति से ज्यादा हैं। इसलिए इस पद की गरीमा के हिसाब से इसकी सैलरी भी बढ़ा दी गई।

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इसे फैसले का फायदा केवल राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि उपराष्ट्रपति और राज्यपालों को भी मिलेगी। राष्ट्रपति के साथ ही इनकी सैलरी में भी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। अब उपराष्ट्रपति को एक लाख 25 हज़ार रुपए की जगह 3 लाख 50 हज़ार रुपए मिलेंगे। हालांकि प्रणब दादा भले ही अब पूर्व राष्ट्रपति हो गए हों, लेकिन ये फैसला उनके लिए भी फायदेमंद होंगा। प्रणब मुखर्जी को अब डेढ़ लाख रुपए हर महीने की पेंशन मिलेगी, जबकी इससे पहले पूर्व राष्ट्रपतियों को पेंशन के तौर पर सिर्फ 75000 रुपए ही मिलते हैं।

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