दुनियाभर में लोग योग को फिटनेस एक्सरसाइज के तौर पर करते हैं। लेकिन भारत में इसे धर्म से जोड़कर देखा जाता है, और आए दिन इसको लेकर विवाद होते रहते हैं। हाल ही में इसकी बानगी राफिया मुद्दे को लेकर हम देख चुके हैं। मुस्लिम लड़की राफिया का रांची में योग गुरु रामदेव के साथ मंच साझा करना कट्टरपंथियों को इतना नागवार गुजरा, कि उन्होंने राफिया को न सिर्फ प्रताडित किया, बल्कि उनके खिलाफ फतवा जारी कर उसके घर पर हमला भी किया गया।लेकिन इसी बीच एक मुस्लिम कट्टरपंथी देश ने योगा को धर्म से अलग कर इसे स्पोर्ट्स एक्टिविटी में शामिल कर लिया हैं।

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Baba Ramdev or Muslim Girl Raffia

सऊदी अरब को मुस्लिम कट्टरपंथी देश माना जाता है, जहां अब योग स्पोर्ट्स एक्टिविटी का हिस्सा है और इसे स्पोर्ट्स में शामिल किया जा रहा है। सऊदी अरब ने मंगलवार ये नियम जारी किया है, जिसके लिए बिजनेस और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के मुताबिक योग करने की इच्छा रखने वाले लोगों को संबधित मंत्रालय से लाइसेंस लेना होगा। बता दें, कि ऊनउफ मारवी देश की पहली प्रमाणित योग शिक्षक बनी हैं और उनका मानना है, कि योग एजुकेशन का किसी व्यक्ति के धर्म से कोई लेना-देना नहीं है, ये एक फिटनेस एक्सरसाइज है, जो लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है।

Demo Pic-Yoga

योग गुरु रामदेव बाबा का बयान

सऊदी अरब के इस फैसले पर बाबा रामदेव ने कहा कि ‘योग को खेल गतिविधि घोषित करके सऊदी अरब ने धर्म से परे एक एतिहासिक और वैज्ञानिक फैसला लिया है, ये फैसला मुस्लिम समुदाय में योग के मिथक को खत्म करके उनके लिए शांति और स्वास्थ्य के दरवाजे खोलेगा’

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Yog Guru Baba Ramdev

बता दें, कि सऊदी अरब अब काफी लिबरल होता जा रहा है, वो कई तरह के पुराने रिवाजों को खत्म करता दिख रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा लिबरल वो महिलाओं के लिए बनते जा रहे हैं और महिलाओं पर कई तरह के नियमों को खत्म कर चुके हैं, हाल ही में सऊदी में महिलाओं को कार चलाने के मंजूदी दे दी गई हैं। साथ लड़कियों के खेलने पर से भी प्रतिबंध हटा दिया गया है।

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