खेलना किसे अच्छा नहीं लगता और इसमें बुराई भी क्या है? मां-बाप अपने बच्चों को खेलता देख, उऩके चेहरे की मुस्कान देख बेहद खुश हो जाते हैं। इसी खेल-खेल में कुछ सितारे ऐसे निकल जाते हैं, जो देश का नाम रौशन कर जाते हैं। लेकिन आपको जानकार ये हैरानी होगी दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां लड़कियों का खेलना पाप की श्रेणी में आता है। और ये सोच किसी पिछड़े देश की नहीं है, बल्कि उस देश की है, जिसके आर्किटेक्टर का लोहा दुनिया मानती है।

जीहां, सऊदी अरब ऐसा ही एक मुल्क, जहां स्कूलों में लड़कियों के खेलने पर पाबंदी है। यहां लड़कियों के खेलने को बेशर्मी माना जाता है, इसलिए स्कूलों में कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं होती। लेकिन अब इन लड़कियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। सऊदी अरब के शिक्षा मंत्री ने इस बात का एलान किया है, कि धीरे-धीरे स्कूलों में शरिया के मुताबिक लड़कियों के खेलने की व्यवस्थाएं की जाएगी।

जरुर पढ़ें:  कॉलेज में अपनी ही साथी को लड़कियों ने किया नंगा और तस्वीरें खींचकर वायरल कर दी

हालांकि इस फैसले पर एक ऐक्टिविस्ट्स ने ट्वीट कर ये पूछ लिया है, कि क्या इस एक्टिविटी के लिए लड़कियों को अपने पुरुष गार्जियन की मंजूरी की ज़रुरत होगी ? दरअसल आपको बता दें, सऊदी अरब में महिलाओं पर कई तरह की पाबंदियां हैं, यहां महिलाएं गाडी नहीं चला सकती हैं। साथ ही उन्हें विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट पर पुरुष संरक्षक की मंजूरी अनिवार्य है। वैसे सऊदी अरब में 4 साल पहले भी प्राइवेट स्कूलों में लड़कियों को खेलने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन अभी तक इससे जुड़ी कोई व्यवस्थाएं नहीं की गई है। अब सरकारी स्कूलों में भी इसे शुरू करने की योजना है।

Loading...