पीरियड्स के दिनों में लडकिया खुद को बेहद ही असहज महसूस करती है, वो बार-बार अपने कपडों की तरफ मुड-मुड कर देखा करती है, कि कही दाग तो नहीं लग गया। इससे जुड़ा एक टीवी एड ‘मुड-मुड के ना देख’ भी आया है, जिसमें स्कूली लडकियों की पीरियड्स प्रॉब्लम को दिखाया गया है। ये विज्ञापन भी बताता है, कि स्कूल में पीरियड्स के दाग लगना आम बात है, क्योंकि स्कूल टाइम से ही लड़कियों को पीरियड्स की शुरुआत होती है और टीनएज गर्ल के लिए एक बड़ी परेशानी बन जाती है। क्योंकि वो ये नहीं समझ पाती, कि वो खुद कैसे मैनेज करे। इसी वजह से स्कूल में पीरियड्स हो जाने पर उनकी गुरु यानी टीचर ही मदद करती है, जो उन्हें समझाती है और उनकी मदद करती है। लेकिन एक  स्कूल टीचर ने पीरियड्स के दाग लगने पर एक छात्रा को सब के सामने ऐसे बेइज्जत किया, कि 12 साल की इस लड़की ने अपनी जान दे दी।

जरुर पढ़ें:  देवर को सेक्स के उकसाती थी भाभी, परेशान देवर ने उठाया ये खौफनाक कदम
Demo Pic

7वीं क्लास में पढ़ने वाली 12 साल की बच्ची के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। वैसे तो औरत ही लड़कियों के इस दर्द और समस्या को समझ सकती है, लेकिन एक महिला टीचर ने स्कूल यूनिफार्म पर पीरियड्स का दाग लगने पर लड़की के साथ इस तरह बर्ताव किया, कि उस लड़की ने छत से कूदकर जान दे दी। और सुसाइड नोट में बाकायदा उस टीचर का जिक्र करते हुए पूरा वाकया भी बताया।

तमिल भाषा में बच्ची का सुसाइड नोट

मामला तमिलनाडु के तिरुनेलवेली का है, जहां सेंथिल नगर के जोसेफ मैट्रिकुलेशन स्कूल में 7वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा ने 28 अगस्त की सुबह बिल्डिंग की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। आपको बता दें, कि 12 साल की स्टूडेंट को स्कूल में ही पीरियड्स हो गए थे। इस बात की खबर लड़की ने जब अपनी टीचर को दी, तो उसने लड़की को कुछ समझाने या हेल्प करने के बजाए डांटना शुरु कर दिया और सभी के सामने उसे शर्मिंदा महसूस कराया। इस बात का सदमा  लडकी सहन नहीं कर पाई और उसने अपनी जान दे दी।

जरुर पढ़ें:  35000 फीट ऊपर हवा में पैदा हुआ बच्चा, अब जिंदगीभर करेगा मुफ्त हवाई सफर

मृतक लड़की के पिता सैयद अहमद पेशे से ऑटो ड्राइवर है। मां रसावाम्मल बानू ने भी स्कूल टीचर पर संगीन आरोप लगाए। मां की माने, तो टीचर छात्रा को काफी वक्त से परेशान कर रही थी। दो महीने पहले भी जब छात्रा को पीरियड्स हुए थे, तब लड़की को एक हफ्ते की छुट्टी लेनी पड़ी थी, लेकिन जब वो स्कूल गई, तो होमवर्क पूरा नहीं होने का हवाला देकर उसकी पिटाई की गई।

Demo Pic

मृतक की मां ने स्कूल टीचर पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा, कि “शनिवार को जब मेरी बेटी को क्लास में ही पीरियड हुए थे, उसने इस बात की खबर टीचर को दी तो, उन्होंने मेरी बेटी को सलवार उठाने को कहा और उसे डस्टर के कुशन को पैड के रुप में यूज करने को दिया और टीचर ने फिर मेरी बेटी को क्लास के बाहर खडा कर दिया।” रसावाम्मल अपनी बच्ची की मौत हो जाने पर अब सवाल कर रही है कि भला, 12 साल की बच्ची इस अपमान को कैसे सहन कर पाती?

जरुर पढ़ें:  पहले भी विवादों में रहा है बनारस का काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, ये रहे बड़े विवाद

स्कूल का बयान

बीबीसी की खबर के मुताबिक जब जोसेफ मेट्रिकुलेशन स्कूल की प्रिंसिपल कलावती से इस मामले में बात की गई, तो उन्होंने मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। और मामले की जानकारी ने होने का हवाला दे दिया। वहीं इस पूरे मामले में जिला राजस्व अधिकारी ने घटना के दौरान क्लास में बैठे सभी बच्चों से पूछताछ शुरु कर दी है, और रिपोर्ट जल्द ही प्रशासन को सौंप दी है।

पूरे मामले में पुलिस आयुक्त कपिल सरात्कार ने प्रेस को बताया कि लड़की की मौत को आत्महत्या के मामले रुप केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है, हालांकि उनका कहना है कि वो इस बात का पता नही लगा पाए है, कि टीचर ने लडकी को पीरियड के धब्बे लगने पर ही डांट लगाई थी।

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here