आधार को सबसे जरुरी बनाने लिए सुप्रीम कोर्ट के काफी लम्बे समय से बहस चलती आ रही है, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने लोगों के निजी जानकारी लीक होने पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

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आपको बता दें कि बीते दिनों भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का आधार डाटा चोरी होने की खबरों ने काफी सुर्खियां बटोरी थी,जिसके बाद से पूरे मीडिया ने आधार बनाने वाली कंपनी यूआईडीएआई को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता जाहिर करते हुए बताया कि जब एक सेलेब्रिटी का डाटा चोरी हो सकता है, तो आम आदमी का क्यों नहीं। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इसकी जबाव मांगते हुए ये पूछा है, कि क्या सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम उठा रही है।

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आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट में गुरूवार से आधार कार्ड के डाटा चोरी होने को लेकर बहस शुरू हो गयी है, जिसमें सरकार से यह पूछा गया है कि सरकार ऐसा कोई कदम उठा रही है, ताकि आधार जैसी संवेदनशील जानकारी को किसी प्राइवेट कम्पनी से बचाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि वह सारे आधार कार्ड का डाटा सुरक्षित रखे और यह सुनिश्चित करे कि डाटा का गलत इस्तेमाल ना हो सके। इस बात पांच जजों की बेंच ने वरिष्ठ वकील श्याम दीवान के आधार की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान कहीं।

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वरिष्ठ वकील दीवान ने आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है, उनका कहना है कि प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा इकट्ठा की जाने वाली सूचना बेची जाती है और यूआईडीएआई का इसके ऊपर कोई नियंत्रण नहीं है। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने न्यूज रिपोर्ट सहित स्टिंग ऑपरेशन कोर्ट के सामने पेश किए।