बचपन में आपने चाचा चौधरी, चंपक और मुंशी प्रेमचंद की कहानियां तो ज़रूर पढ़ी होगी। ये वो दो-तीन किताबों के नाम हैं, जिनकी कहांनियां आज भी हम सभी के जेहन में रची-बसी हैं। हम सब को आज भी चाचा चौधरी की मूछ-पगड़ी और साबू की ताकत याद है। हीरा- मोती दो बैल थे, जो अपने मालिक से बेहद प्यार करते थे। मुंशी प्रेमचंद की इस कहानी को कौन भूल सकता है। दादी की कहानियां हो या फिर नानी की, शुरुआत तो यहीं से हुआ करती थीं।

Chacha Chaudhary and his world of entertainment.

लेकिन क्या आप ये सोच सकते हैं, कि आज जहाँ हर तरफ़ अंग्रेजी का बोल-बाला है, अंग्रेजी बोलने-लिखने को तवज्जो दी जाती है। जहाँ हर गली मोहल्ले में अंग्रेजी सिखाने और सीखने वालों का तांता लगा हुआ है, वहीँ एक ऐसी लड़की भी हैं, जो हिंदी सीखाकर सेलिब्रिटी बन गई हैं। ये लड़की हिंदी पढ़ाकर-बोलकर लाखों रुपए कमा रही हैं।

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Pallavi Singh

पल्लवी सिंह महज 26 साल की हैं। लोग उन्हें हिंदी गुरु के नाम से भी बुलाया करते हैं। दिल्ली की रहने वाली पल्लवी ने पहले इंजिनीयरिंग की और साथ में फ्रेंच लैंग्वेज में डिप्लोमा किया। फिर हिंदी टीचर बनने का फैसला किया। वो किसी बड़ी कंपनी में विदेश में काम करना चाहती थी पर IIT या NIT से न पढ़े होने के कारण इसमें उसे कामयाबी हासिल नहीं हुई। उनका रुझान हमेशा से आर्ट्स स्ट्रीम की ओर था। परिवार वालों और दोस्तों के मना करने के बाबज़ूद उन्होंने खुद पर विश्वाश रखा और ये फैसला किया।

Pallavi Singh taking lessons in a coffee shop.

लेकिन कहते हैं, ‘जहां चाह वहीँ राह’। लोगों की बातों को अनसुना करते हुए और खुद को समझाते हुए उन्होंने 5 साल पहले हिंदी पढ़ाना शुरू किया। उन्होंने इसके लिए सबसे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के फॉरेन एक्सचेंज स्टूडेंट्स से संपर्क किया। पल्लवी के सबसे पहले स्टूडेंट्स एक अफ्रीकन लड़का और उसकी गर्लफ्रेंड थी। फिर क्या था, पल्लवी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज पल्लवी मुंबई में रहती हैं और साइकोलॉजी में डिग्री ले रहीं हैं। मुंबई से डिग्री करने का और रहने का पूरा खर्च उन्होंने ख़ुद ही हिंदी पढ़ाकर उठाया। अपने 4 साल के करियर में पल्लवी ने करीब 150 फॉरेन प्रवासियों को पढ़ाया है।

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Pallavi Singh teaching an Employe working in a MNC.

उनका पढ़ाने का तरीका भी कुछ अनोखा है। वो चाचा-चौधरी, चम्पक, पिंकी, मुंशी-प्रेमचंद, की कहानियां सुना कर लोगों को हिंदी पढ़ाती हैं। उनकी कोई फिक्स क्लास नहीं होती। वो किसी पार्क में हिंदी पढ़ाती है या फिर कभी कॉफ़ी शॉप में कॉफ़ी का सिप लेते हुए। उन्होंने कई सारे बड़े-बड़े MNC’S में काम करने वाले लोगों और उनके परिवार वालों को हिंदी सिखाई है।

Taking Class sessions in a cafeteria.

बस इतने पर ही पल्लवी नहीं रुकीं, पल्लवी आज एक सेलिब्रिटी टीचर भी बन चुकी हैं। उन्होंने जैकलिन फर्नांडिस, विलियम डालरिम्पल को भी हिंदी पढ़ाई है। 2015 में पल्लवी TEDx स्पीकर भी रह चुकी हैं।

Pallavi Singh with her student Jacqueline Fernandez.

पल्लवी का कहना है की भारत में मुख्यतः ऐसा कोई संस्थान नहीं है जो फॉरेन लैंग्वेज के तौर पर हिंदी सिखाता हो। भविष्य में फॉरेन स्टूडेंट्स के लिए वो एक हिंदी संस्थान खोलना चाहती हैं। पल्लवी अभी US कांसुलेट मुंबई में हिंदी पढ़ाने का काम कर रहीं है।