सत्ता की दूसरी पारी की शुरुवात के साथ ही बीजेपी के सभी नेता एक्शन मोड में आ चुके हैं. जहां एक ओर मोदी सरकार ने देश की जनता के लिए एक के बाद एक बड़े फैसले लिए है. तो वहीं बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृती इरानी भी अपनी पारी को पूरे जोश के साथ शुरू कर चुकी हैं. इन दिनों स्मृती, अमेठी की जनता की देखभाल करने में व्यस्त हैं. जनता के विकास और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिन रात जुटी हुई हैं. इसी बीच शनिवार को स्मृती ने एक ऐसी घोषणा की है जो राहुल गांधी डेढ़ दशक में भी नहीं कर पाए.

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दरअसल स्मृती ईरानी ने घोषणा की कि वह अमेठी में अपना घर बनाएंगी और इसके लिए गौरीगंज में उन्होंने एक भूखंड देख लिया है. उन्होंने कहा कि अमेठी अब उनका स्थायी निवास स्थल होगा और वह लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगी. आपको बता दें कि राहुल गांधी ने अपने 15 साल तक के अमेठी पर राज किया. लेकिन. साल 1999 में उनकी मां सोनिया गांधी ने भी यह सीट जीती थी. लेकिन अमेठी सीट पर लगातार कब्जा रहने के बावजूद गांधी परिवार ने यहां अपना घर बनाने की नहीं सोची, बल्कि वे अपने दौरे के दौरान अतिथि गृह में रहते थे. जब्कि स्मृती 2019 लोकसभा चुनाव में पहली बार जीती है. और अमेठी की जनती की दिलों जान से सेवा कर रही हैं.

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अपने निर्वाचन क्षेत्र में घर बनाने का स्मृति ईरानी का फैसला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह आगामी वर्षो में अमेठी के साथ संबंध बरकरार रखने का इरादा रखती हैं. मंत्री ने शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा भी की.

लोकसभा चुनाव 2019 में स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 50 हजार से ज्यादा वोट से हराया था. बता दें कि 2014 में राहुल गांधी ने स्मृति ईरानी को हरा दिया था, लेकिन इसके बाद भी वह अमेठी का दौरा करती रहीं. उन्होंने लगातार पांच साल लोगों से संपर्क बनाए रखा. इसका फायदा उन्हें लोकसभा चुनाव 2019 में मिला.

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