जैसे कि सभी जानते हैं कि भारत का चंद्रयान-2 भारत की एक बड़ी उपलब्धि बनने जा रहा हैं. भारत के चंद्रयान-2 को 16 जुलाई को लॉन्च होना था, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते इसकी लॉन्चिंग को रोकना पड़ा, इस बात की पुष्टि खुद इसरो ने की थी.

हाल ही में इसरो ने 22 जुलाई को चंद्रयान-2 के लॉन्च की नई तारीख भी बताई और अब भारत का चंद्रयान-2 लॉन्च के लिए तैयार हैं. चंद्रयान-2 में आई खराबी की जांच के लिए इसरो के वैज्ञानिकों ने सबसे पहले यान के लॉन्चिंग व्हीकल GSLV की जांच की जिसकी खराबी की वज़ह से चंद्रयान की लॉन्चिंग नहीं हो पाई थी.

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जांच से पता चला कि GSLV में हीलियम गैस का पाइप लीक था जिसके कारण यान में प्रैशर नहीं बन पा रहा था. इसरो के वैज्ञानिको ने उस लीक को ठीक कर दिया और चंद्रयान के GSLV mark-।।। रॉकेट रिहर्सलस् में जुट गए और अब चंद्रयान-2 को ले जाने वाले भारी-भरकम रॉकेट जीएसएलवी मार्क-।।। का रिहर्सल पूरा कर लिया है.

GSLV mark-।।। अब  रॉकेट सामान्‍य तरीके से काम कर रहा है. GSLV mark-।।। रॉकेट से चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को दोपहर 2:43 बजे लॉन्च किया जाएगा.

जीएसएलवी मार्क-।।। को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में 4 टन श्रेणी के उपग्रहों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है. व्हीकल ठोस स्ट्रेप ऑन मोटर हैं.

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इसमें एक कोर तरल बूस्टर है और ऊपर वाले चरण में क्रायोजेनिक है.अब तक इसरो ने 3 जीएसएलवी-एमके 3 रॉकेट भेजे हैं.एक बार जब जीएसएलवी जियो ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंच जाएगा, तब यह चंद्रयान को 170 km×20,000km में स्थापित करेगा.इसके बाद चंद्रयान चंद्रमा के ओर्बीट की ओर बढेगा.

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