हर किसी की चाहत होती है कि उसकी भी सरकारी नौकरी हो एक चमकता हुआ भविष्य हो. जब किसी की सरकारी नौकरी लग जाती हैं तो मानों उसकी तो किस्मत ही खुल जाती है. लेकिन वहीं अगर बात की जाए प्राईवेट नौकरियों की तो सरकारी नौकरियों की तुलना में प्राईवेट नौकरियों को काफी कम आंका जाता है.

लेकिन सरकारी नौकरी मिलना इतना आसान भी नहीं. पिछले कुछ सालों का आंकड़ा देखा जाए तो बर्तमान में सरकारी नौकरियां काफी कम हो चुकी है. सरकारी नौकरी की योग्यता रखने वाले लोगों को भी मजबूरन प्राइवेट नोकरियों से ही गुजारा करना पड़ रहा हैं.

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लेकिन अब प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के दुख के दिन भी जाने वाले है. और प्राइवेट नौकरी वालों की किस्मत भी चमकने वाली है. क्योंकि सुपीर्म कोर्ट ने प्राइवेट सेक्टर में काम करनेवाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. जिससे प्राइवेट कर्मचारियों को भी सरकारी कर्मचारियों की तरह ही बंपर फायदे मिलेंगे.

क्या है पूरा मामला

दरअसल केरल हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में भविष्‍य निधि संगठन को कहा था कि रिटायर होने वाले कर्मचारियों को उनकी अंतिम सैलरी के आधार पर पेंशन मिलनी चाहिए. तो वहीं कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ ईपीएफओ ने सुप्रीम कोर्ट में अपीली की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ की इस विशेश अपील को खारिज कर दिया. ऐसे में प्राईवेट सेक्टर के कर्मचारियों को भी ज्‍यादा पेंशन मिलेगी. बता दें कि अभी तक ईपीएफओ ज्यादा से ज्यादा 15,000 हजार रुपये तक की सैलरी को आधार बनाते हुए ही पेंशन देता था.

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