अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है. भारत की इस सबसे बड़ी यात्रा में आतंकी खतरा भी मंडरा रहा है. आतंकी हमले से बचने  और यात्रियों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने गृहमंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर में दो दिन के दौरे पर निकल चुकें हैं. कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे  अमित शाह को राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने इस बार अमरनाथ यात्रा को रोकने करने के लिए हैंड ग्रेनेड और आईईडी ब्लास्ट  की योजना बनाई है. अमरनाथ यात्रा हमेशा से ही आतंकियों का मुख्य टारगेट होता है. ऐसे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम ही इस समस्या का इलाज है.

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इसके लिए केंद्र सरकार कड़े इंतजाम करने में लगी है. 1 जुलाई से शुरू हो रही यात्रा की सुरक्षा में इस बार लगभग 45 हजार जवान तैनात रहेंगे. आपको बता दें कि साल 2015 में 16 हजार और 2018 में सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के करीब 35 हजार जवान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में लगाए गए थे. इस बार सुरक्षा बलों की नजर हैंड ग्रेनेड और आईईडी ब्लास्ट पर रहेगी.

यात्रियों की सुरक्षा में 100 के करीब कुत्ते भीन तैनात किए जाएंगे. पिछले साल भी सीआरपीएफ के 42 कुत्तों ने संदिग्ध सामान की जाँच का ज़िम्मा सम्भाला था. सीआरपीएफ के मुताबिक, एक कुत्ता चार-पांच किलोमीटर का रास्ता तय कर यह बताता है कि आगे सब कुछ ठीक है या कोई खतरा है. अमरनाथ यात्रा के लिए जवाहर टनल से निकलने वाले दोनों रास्ते, पहलगाम और बालटाल के करीब दो सौ किलोमीटर लंबे रास्ते को सुरक्षा के लिहाज से क्लीयर करने की जिम्मेदारी इन्हीं खोजी कुत्तों पर है.

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