टीम इंडिया के ऑलराउंडर युसूफ पठान को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पांच महीनों के लिए सस्पेंड कर दिया है। पठान पर डोपिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है, हालिया दिनों में क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इंडिया (BCCI) ने यूसुफ पठान को रणजी ट्रॉफी में खेलने से मना कर दिया था, क्योंकि पिछले साल क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान यूसुफ को डोप टेस्ट पाॅजिटिव रिजल्ट आए थे।

Yusuf Pathan

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल रणजी ट्रॉफी के दौरान यूसुफ पठान ने ब्रोमीन नामक एक दवाई का सेवन किया था,जिसमें टरब्यूलाइन नामक एक पदार्थ मिला होता है। टरब्यूलाइन एक प्रतिबंधित पदार्थ है, इस पदार्थ का सेवन कोइ भी खिलाड़ी तभी कर सकता है,जब उसने इसका सेवन करने की अनुमति ली हो। रिपोर्ट के अनुसार यूसुफ पठान ने इसका सेवन करने से पहले किसी की अनुमति नहीं ली थी।

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रिपॉर्ट में कहा गया है कि डॉप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद BCCI ने पठान को रणजी के बाकी टूर्नामेंट खेलने से मना कर दिया था। आपको यह जानकर बड़ा आश्चर्य होगा कि यूसुफ भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गये हैं, जिन्होंने बिना अनुमति के इस दवाई का सेवन किया है। बता दें कि  प्रदीप सांगवान  को 2012 आईपीएल के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन करने का पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद उन पर 18 महीने का बैन लगाया गया था।

Yusuf Pathan

मजेदार बात यह है कि बीसीसीआई पर भारतीय सरकार की डोपिंग विरोधी इकाई का भी दबाव है। दरअसल, राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी एजेंसी भारतीय क्रिकेटरों का डोप टेस्ट आयोजित कराना चाहता है, लेकिन बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी डोपिंग विरोधी पॉलिसी से नहीं हिलेगी और नाडा को भारतीय क्रिकेटरों पर टेस्ट कराने की इजाजत नहीं देगी।

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पिछले साल नवंबर में बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने विश्व डोपिंग विरोधी एजेंसी (वाडा) और खेल सचिव राहुल भटनागर को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने तकनीकी बिंदुओं को समझाते हुए साफ किया कि नाडा का क्रिकेटर्स पर टेस्ट करने की जरुरत नहीं है क्योंकि बोर्ड राष्ट्रीय खेल महासंघ नहीं है।

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