मिडिल क्लास नौकरी-पेशा वाले लोग अंतरिम बजट में मोदी सरकार की ओर उम्मीद की नजर से देख रहे थे. सरकार ने आज बजट के जरिये उनकी झोली भरकर उनके चेहरे पर खुशियां ला दी.

लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आयकर छूट की सीमा बढ़ा दी है. लोकसभा चुनाव से पहले ये आम आदमी को सरकार की तरफ से बड़ा तोहफा है. सरकार आयकर छूट की सीमा 2.5 रुपये से बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये कर दिया है. एक तरह से मोदी सरकार ने अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर मिडिल क्लास को खुश कर दिया है.

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बता दें कि इससे पहले इनकम टैक्स में आयकर छूट का दायरा 2.5 रुपये तक था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है. इस ऐलान से पहले टैक्स स्लैब में 2.5 लाख रुपये तक सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था. जबकि 2.5 से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसद की दर से टैक्स लगता था. 5-10 लाख रुपये की सालाना आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय पर 30 फीसदी कर लगता था. हालांकि सरकार ने आयकर छूट बढ़ाने का संकेत पहले ही दे दिया था.

जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले प्रणब मुखर्जी ने साल 2012 में आयकर छूट की सीमा को 1.8 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया था. उसके बाद 2014 में आयकर छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये की गई. इनकम टैक्स लिमिट और सेक्शन 80 सी के तहत छूट को 2014 में बढ़ाया गया था, पिछले 5 साल से इसमें बढ़ोतरी नहीं हुई थी.

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आर्थिक रूप से पिछले सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के बाद अब आयकर छूट की सीमा में बड़ा इजाफा कर लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मोदी सरकार ने आम आदमी को लुभाने के लिए बड़ा दांव चल दिया है. आब देखना ये होगा कि क्या आने वाले लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार का ये दांव रंग लाएगा?

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