पांच रुपए से लेकर 500 रुपए और अब 2000 रुपए, जो भी नोट छपा उसपर गांधी जी ज़रूर नज़र आए। कई बार नोट बंद हुए, उनके जगह नए नोट छपे। कुछ के डिजाइन भी वक्त-वक्त पर बदलते रहे, लेकिन नहीं बदली तो महात्मा गांधी की वो तस्वीर जिसमें वो खिलखिलाकर मुस्करा रहे हैं।

गांधी जी की तस्वीर के साथ नए नोट

अब सवाल ये, कि पिछले दो दशकों में भारतीय नोटों का हुलिया बदला तो तस्वीर क्यों वहीं पुरानी ही रही, उसे क्यों नहीं बदला गया? सवाल ये भी, कि गांधी जी की ये तस्वीर जो हिंदुस्तानी करंसी का ट्रेडमार्क बन चुकी है, आई कहां से ? इन सवालों के जवाब भी देंगे लेकिन पहले ये जान लीजिए, कि गांधी जी की ये तस्वीर भारतीय नोटो पर कबसे छपने लगी है?

भारतीय मुद्रा पर किंग जॉर्ज पंचम की तस्वीर

पहले छपती थी किंग जॉर्ज की तस्वीर

अंग्रेजी हुकूमत के दौर में भारतीय रुपयों पर किंग जॉर्ज की तस्वीर छपी होती थी। और रुपए की गणना 16 आनों में होती थी, तब आपने चार आने, आठ आने के सिक्के भी देखे होंगे। जिसे आप चवन्नी और अठन्नी कहकर पुकारते थे। सोलह आने खरा ये मुहावरा भी रुपए की इसी गणना प्रणाली से निकला हुआ है। लेकिन 1957 के बाद इस प्रणाली को बदलकर दशमलव प्रणाली लाई गई और रुपए 100 पैसों में तब्दील हो गया।  भारत आजाद होने के बाद भी दो साल तक किंग जॉर्ज वाली मुद्रा ही भारत में चलन में रही। 1949 में इसमें तब्दीली की गई और नोटों पर अशोक स्तंभ छापा गया।

अशोक स्तंभ और गांधी जी की तस्वीर वाले नोट

भारतीय करंसी पर महात्मा गांधी की तस्वीर को पहली बार 1987 में इस्तेमाल किया गया, लेकिन तब 500 रुपए के नोट पर सिर्फ इसे वाटरमार्क के तौर पर ही इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद आरबीआई ने 1996 में नोटों में बदलाव का फैसला लिया और अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के फोटो का इस्तेमाल किया गया। नोट से अशोक स्तंभ को हटाया नहीं गया बल्कि इसे नोट के बायीं तरफ निचले हिस्से पर अंकित कर दिया गया।

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इसी तस्वीर को नोटों पर पोट्रेट के रूप में छापा जाता है

कहां से ली गई गांधी जी की फोटो

आपको जानकर हैरानी होगी, कि नोटो पर छपने वाली ये तस्वीर सिर्फ पोट्रेट फोटो नहीं है, बल्कि गांधीजी की संलग्न तस्वीर है। इसी तस्वीर में से सिर्फ गांधी जी का चेहरा पोट्रेट के रूप में लिया गया है। ये तस्वीर कलकत्ता के वायसराय हाउस में खींती गई थी। उस वक्त गांधी जी तत्कालीन बर्मा (अब म्यांमार) और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में तैनात फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस के साथ मुलाकात करने गए थे। इसी तस्वीर से गांधी जी का चेहरा पोट्रेट के रूप में भारतीय नोटों पर अंकित किया गया।

अशोक स्तंभ वाला 100 रुपए का पुराना नोट

नोट पर ऐसे आई गांधी जी की तस्वीर

एक RTI के जवाब में केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बताया था, कि भारतीय करंसी पर वाटर मार्क एरिया में महात्मा गांधी की फोटो छापने की पहली सिफारिश 15 जुलाई 1993 को की गई थी। जबकि नोट के दाहिनी तरफ गांधी जी की तस्वीर को छापने की सिफारिश 13 जुलाई 1995 को RBI ने केंद्र सरकार को की थी। हालांकि इस RTI के जवाब में RBI ने ये भी बताया था, कि सरकार ने नोटों पर ये तस्वीर छापने का फैसला कब लिया और इसे कब से लागू किया गया और किस तारीख से महात्मा गांधी की फोटो भारतीय नोटों पर छापने का काम शुरू हुआ, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।

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Demo pic- आरबीआई

नोट छपाई के ये हैं नियम

अगर आपने एक और दो रुपए के नोट देखे हो, तो पाया होगा, कि इनपर गांधी जी की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं होता है। हालांकि अभी ये नोट चलन से लगभग बाहर ही हो गए हैं। 1994 में एक रुपए के नोट की छपाई बंद कर दी गई थी और इसके जगह सिक्के लाए गए थे। मौजूदा वक्त में दो रुपए के नोट का उत्पादन भी बंद है, लेकिन पुराने नोटों को सरकार ने अभी चलन से बाहर नहीं किया है। हांलाकि अब खबर आ रही है, कि एक रुपए के नोट की छपाई फिर से शुरू की जा रही है। ये एकमात्र ऐसा नोट है, जिसे करेंसी ऑफ ऑर्डिनेंस के नियमों के मुताबिक भारत सरकार जारी करती है, इसीलिए इसपर रिजर्व बैंक के गवर्नर की जगह वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं। जबकि दो रुपए से लेकर 2000 रुपए तक की करेंसी पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं, क्योंकि इन्हें आरबीआई की ओर से जारी किया जाता है।

2005 में जारी किए गए गांधी की तस्वीर वाले नोटों के साथ एक और दो रुपए के नोट

आजादी के बाद भारतीय नोटों का इतिहास

  • वाटरमार्क में अशोक स्तंभ वाला 10 रुपए का नोट 1967 और 1992 के बीच जारी हुआ।
  • 1972 और 1975 के बीच- 20 रुपए, 1975 और 1981 के बीच- 50 रुपए और 1967 से 1979 के बीच- 100 रुपए का नोट जारी किया गया।
  • 1972 से 1979 के बीच जारी नोटो पर वाटरमार्क में अशोक स्तंभ के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारतीय कला के क्षेत्रों में हुई प्रगति से जुड़े प्रतीकों को नोट पर छापा गया था।
  • 1980 में ‘सत्यमेव जयते’ को राष्ट्रीय चिन्ह में पहली बार शामिल किया गया।
  • अक्तूबर 1987 में पहली बार 500 रपये का बैंक नोट महात्मा गांधी की तस्वीर और वाटरमार्क में अशोक स्तंभ के साथ जारी किया गया।
  • 1996 में महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ पहला पांच रुपए का नोट जारी हुआ महात्मा गांधी की तस्वीर वाला 10 रुपए का नोट जून 1996 में जारी किया गया।
  • महात्मा गांधी की तस्वीर  वाला 20 रुपए का नोट अगस्त 2001 में जारी किया गया
  • महात्मा गांधी की तस्वीर  वाला 50 रुपए का नोट मार्च 1997 में जारी किया गया।
  • महात्मा गांधी की तस्वीर  वाला 100 रुपए का नोट जून 1996 में RBI ने जारी किया
  • महात्मा गांधी की तस्वीर  वाला 500 रुपए का नोट अक्तूबर 1997 में जारी किया गया था
  • महात्मा गांधी की तस्वीर  वाला 1000 रुपए का नोट सन 2000 में जारी किया गया था।
  • 500 और 1000 रुपए के इन नोटों को 2016 में नोटबंदी के बाद बंद कर दिया गया।
  • 2005 में महात्मा गांधी श्रृंखला के नए नोट 10, 20, 50 और 100, 500 और 1,000 रुपए के नोटों के रुप में जारी किए गए।
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