15 अगस्त 1947 यही वो तारीख थी, जब फिरंगी शासन से भारत आजाद हुआ था। और उसी दिन हमारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भी अस्तित्व में आया था।  भारत और पाकिस्तान को अंग्रेजों ने एक ही तारीख को आजादी दी थी, लेकिन पाकिस्तान अपने आजादी का पर्व भारत की आजादी के पर्व से एक दिन पहले ही मना लेता है। इसके पीछे की वजह बड़ी दिलचस्प है।

पहले आजाद हुआ था पाकिस्तान ?

दरअसल पाकिस्तान ने अपना पहला स्वतंत्रता दिवस भारत के साथ ही 15 अगस्त को ही मनाया था। ब्रिटिश हुकूमत की ओर से जारी आजादी के अध्यादेश में भी दोनों मुल्कों के आजादी की तारीख 15 अगस्त 1947 ही है। पाकिस्‍तान के नाम अपने पहले भाषण में जिन्‍ना ने भी कहा था

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“15 अगस्‍त स्‍वतंत्र और संप्रभु पाकिस्‍तान का जन्‍मदिन है। ये मुस्लिम राष्‍ट्र की किस्‍मत के पूरे होने की निशानी है।”

लेकिन 1948 से पाकिस्तानी हुकूमत जश्न-ए-आजादी 14 अगस्त को मनाने लगी। दरअसल पाकिस्तान के मुताबिक इसी दिन दूसरे विश्व युद्ध के खात्मे का एलान किया गया था। इसलिए वो इसे शुभ नहीं मानते थे और दूसरी वजह ये, कि 14 अगस्त 1948 को संयोग से रमजान का 27 वां दिन आया था, जो इस्लमिक कैलेंडर के मुताबिक बेहद खास और पवित्र दिन होता है। इस दिन को शब-ए-कद्र के नाम से भी जाना जाता है। कराची सत्ता हस्तांतरण का कार्यक्रम भी 14 अगस्त को आयोजित किया गया था इसलिए भी 14 अगस्त पाकिस्तान के लिए आजादी का पर्व मनाने की एक तारीख बनी। 

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पहले 26 जनवरी चुना गया था आजादी का दिन

1929 में कांग्रेस अध्यक्ष पं. जवाहरलाल नेहरू ने ‘पूर्ण स्वराज’ पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी, तब 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में चुना गया था। उस दौरान कांग्रेस पार्टी ने 1930 में 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस को कुछ वार्डों में मनाया भी था। लेकिन तब भारत को स्वतंत्रता नहीं मिली थी। इसलिए आगे चलकर इस दिन को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मानाया जाने लगा।

…तो 30 जून होता स्वतंत्रता दिवस

वैसे तो ब्रिटिश हुकूमत की ओर से लॉर्ड माउंटबेटन को 30 जून 1948 को सत्ता हस्तांतरित करने का आदेश दिया गया था। लेकिन माउंटबेटन ने ब्रिटिश संसद से ये आग्रह किया था, कि इस तारीख को बदलकर अगस्त 1947 किया जाए। ताकि किसी तरह का रक्तपात या दंगा न हो। माउंटबेटन की मांग और उनकी बतायी तारीख के आधार पर 4 जुलाई 1947 को ही ब्रिटिश संसद में भारतीय स्वतंत्रता विधेयक को पेश किया गया और 15 दिनों के भीतर ही इसे सदन से पारित भी कराया गया। इस तरह से भारत के आजादी की तारीख 15 अगस्त, 1947 तय की गई।