नई दिल्ली:   भारत एक ऐसा देश है जो अपने क्लचर और अपनी खूबसरती के लिए जाना जाता है। यहां कई ऐसी सुंदर और अनोखी जगह रही है जो पहले कभी कही नही देखी गई है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कॉलोनी के बारे में बताएगें, जिसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएगें। एक ऐसी कॉलोनी जो सबसे पहले भारत में ही बसाई गई थी। जिसपर यकीन करना ज़रुर ही मुश्किल होगा। क्योकि अकसर ऐसी कॉलोनियों का जिर्क विदेशों में ही सुना होगी। जैसे की न्यूड बाथिंग और न्यूड कॉलोनी। जहां न्यूड होना आम बात हैं। लेकिन अगर इस तरह की कॉलोनी भारत में हो तो, वाकई ये हैरान कर देने वाली बैत होगी। लेकिन आपको बता दे की ऐसी ही एक कॉलोनी जो सबसे पहले भारत में ही बसाई गई थी। जिसके संस्थापक चार्ल्स एडवार्ड गॉर्डन क्रॉफर्ड थे। जो की ब्रिटिश इंडिया में चार्ल्स डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज थे।

 

जरुर पढ़ें:  opps प्रिंयका ने लिफ्ट में किया कुछ ऐसा, देख कर रह जाएगें हैरान

इतना ही नीं, इन्हे “गे” गुरु कहा जाता था। जो एडवर्ड कारपेंटर विक्टोरिया कालीन इंग्लैंड में कवि थे। आपको बता दें, की गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर से इनकी अच्छी दोस्ती थी। भारत में बसाई गई न्यूड कॉलोनी के तीन मेम्बर थे- चार्ल्स क्रॉफर्ड और एंड्रयू व केलॉग काल्डरवुड. जिन्होने मुंम्बई के थाणे में “द फेलोशिप ऑफ द नेकेड ट्रस्ट” नाम की कॉलोनी बसाई थी। आपको बता दे की यह एक ऐसी कॉलोनी थी जहां कोई भी कपड़े नही पहना करता था। यहां के सभी लोग नेकेड रहा करते थे। और यह दुनिया की पहली कॉलोनियों में से एक थी। एडवर्ड को चार्ल्स द्वारा लिखे गए चार लैटर मिले थे, जिनमें चार्ल्स ने अपने पते में ‘द फेलोशिप ऑफ नेकेड ट्रस्ट’ का उल्लेख किया था। इतना ही नही इस कॉलोनी की मेंम्बरशिप में एक महिला ने भी मेंम्बरशिप चाही थी, लेकिन वह कभी शामिल नहीं हुई। यही नही खुद चार्ल्स क्रॉफर्ड ने अपने एक पत्र में लिखा था- जिसमे उन्होने खुद के न्यूड होने का जिर्क किया…

 “हमने दो दिनों का हॉलीडे बिना कपड़ों के मनाया। हम सुबह ब्रेकफास्ट से रात तक ऐसे ही रहे। इस दौरान उन्होंने नौकरों को छुट्टी दे रखी थी”

इसके बाद चार्ल्स ने एक साल बाद एथेल नाम की एक महिला से पुनर्विवाह कर लिया था और उसके बाद वो रत्नागिरि चले गए जिसकी वजह से न्यूडिस्ट कॉलोनी को बंद करना पड़ा।

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here